Guru Aditya Yog: ज्योतिषियों के अनुसार गुरु 14 मई 2025 को रात 11 बजकर 20 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। यह साल 2025 के सबसे बड़े ग्रह-गोचर में से एक है। वहीं दूसरी तरफ ग्रहों के राजा सूर्य 15 जून 2025 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर मिथुन राशि में विराजमान होंगे। चूंकि इस राशि में पहले से ही गुरु होंगे, तो सूर्य से उनकी युति बनेगी, जो गुरु आदित्य राजयोग का निर्माण करेगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, पिता और सम्मान का कारक माना गया है, जबकि गुरु वाणी, विचार, शिक्षा, व्यापार और विवाह सुख के कारक ग्रह हैं। इन दोनों ग्रहों के प्रभाव से 12 राशियों को शुभ-अशुभ फलों की प्राप्ति होती हैं। लेकिन सूर्य-गुरु की युति से बनने वाला राजयोग इन तीन राशि वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। आइए इन लकी राशियों के नाम जानते हैं।