वैदिक ज्योतिष में सूर्य और शनि को शत्रु कहा गया है। सूर्य और शनि की युति जातक के जीवन में कष्ट का कारक बनती है। गोचर में भी जब सूर्य शनि की युति होती है तो जातक को इससे गंभीर परिणाम भुगतने होते हैं। अब ऐसे में 15 मार्च को सूर्य देव कुम्भ राशि से निकलकर देव गुरु बृहस्पति की राशि में चले जाएंगे और सूर्य- शनि की युति का अंत होगा। ऐसे में 3 राशि के जातक ऐसे हैं जिन्हे इस युति के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। आइये जानते है कि वो 3 राशियां कौन कौन सी है। यह भी पढ़ें-
वृष राशि - सूर्य के इस युति से बाहर जाने के बाद आपको अपने कार्य स्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। इस समय आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इस समय अगर आप किसी अच्छी नौकरी की तलाश में है तो आपको खुशखबरी मिल सकती है। उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की इच्छा पूरी हो सकती है। इस समय आपको अपने किसी मित्र से कोई बड़ी आर्थिक मदद मिल सकती है जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शनि की युति अष्टम भाव में बन रही थी। इस युति से अब सूर्य के बाहर आने के बाद आपको जो धन की कमी महसूस हो रही थी वो पूरी होगी। 15 मार्च के बाद अब आपको अपने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आप किसी बड़ी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। जो महिला जातक नव विवाहिता हैं वो गर्भ धारण करने के बारे में विचार कर सकती हैं। सरकारी सेवा से जुड़े जातकों को अच्छा लाभ मिलेगा।
मकर राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य शनि की युति कुटुंब भाव में थी। इस युति से अब सूर्य के बाहर आने के बाद परिवार में विवाद कम हो जायेंगे। 15 मार्च से आपकी वाणी में अब प्रभाव उत्पन्न होना शुरू हो जाएगा। इस समय आपको काम के सिलसिले में किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। इस समय आपका साहस और पराक्रम बढ़ा हुआ रहने वाला है। इस समय विदेश में भी आपकी किस्मत बुलंदी पर होगी और आपको जबरदस्त कमाई के मौके मिलने वाले है।