फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Jayanti 2025: कब मनाई जाएगी गणेश जयंती? जानें सही तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 24 Jan 2025 11:40 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदू धर्म में गणेश जयंती का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से व्यक्ति को बुद्धि, बल और सुख-समृद्धि की प्राप्ती होती है।
विज्ञापन
1 of 5
गणेश जयंती 2025  - फोटो : Amar Ujala
Ganesh Jayanti 2025 Date: हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस दिन को देशभर में विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे- गणेश जयंती, माघ विनायक चतुर्थी, तिल कुंड चतुर्थी और वरद चतुर्थी। हिंदू धर्म में गणेश जयंती का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से व्यक्ति को बुद्धि, बल और सुख-समृद्धि की प्राप्ती होती है।
 

Masik Shivratri 2025: मासिक शिवरात्रि के दिन शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेंगे शुभ फल

Basant Panchami 2025: विद्यार्थी करें इन मंत्रों का जाप, मिलेगा संगीत और ज्ञान की देवी सरस्वती का आशीर्वाद

विज्ञापन

2 of 5
कब है गणेश जयंती? - फोटो : freepik
कब है गणेश जयंती?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 फरवरी 2025 शनिवार को सुबह 11:38 बजे से शुरू होकर 2 फरवरी 2025 रविवार को सुबह 9:14 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गणेश जयंती 1 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी।
विज्ञापन

3 of 5
गणेश जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : freepik
गणेश जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त
गणेश जयंती के दिन मध्याह्न गणेश पूजा का समय सुबह 11:38 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा। इस दौरान भक्तों को पूजा के लिए कुल 2 घंटे 2 मिनट का समय मिलेगा। इसके अलावा, इस दिन सुबह 9:02 बजे से रात 9:07 बजे तक चंद्रमा के दर्शन वर्जित माने गए हैं। 
 

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या पर पितरों के लिए इस तरह जलाएं दीपक? जानें समय, नियम और महत्व

agh Gupt Navratri 2025: माघ की गुप्त नवरात्रि पर करें अपनी राशि के अनुसार उपाय, मिलेगी तरक्की



 

4 of 5
गणेश जयंती पूजा विधि - फोटो : freepik
गणेश जयंती पूजा विधि
गणेश जयंती के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को साफ करके गंगाजल से पवित्र करें। एक चौकी पर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। मूर्ति को जल, दूध, शहद और दही से स्नान कराएं। इसके बाद धूप-दीप जलाएं और गणेश मंत्रों का जाप करते हुए पूजा आरंभ करें। भगवान को फूल, रोली, दुर्वा, सुपारी, फल और मिठाई अर्पित करें। गणेश जयंती की कथा का पाठ करें और सुनें। अंत में भगवान गणेश की आरती करके पूजा को संपन्न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गणपति पूजा मंत्र - फोटो : freepik

गणपति पूजा मंत्र

प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्।
तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।।
प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्।
अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।।

Navratri 2025 Dates: साल 2025 में कब मनाई जाएगी शारदीय, चैत्र और गुप्त नवरात्रि? नोट कर लें तिथि



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):
ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें