9 अक्तूबर की सुबह चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इस स्थिति में मीन राशि में मौजूद शनि की सातवीं दृष्टि चंद्रमा पर पड़ेगी, जबकि चंद्रमा की सातवीं दृष्टि भी शनि पर रहेगी। इस तरह दोनों ग्रह एक-दूसरे के सामने होंगे और समसप्तक की स्थिति बनेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा और शनि के आमने-सामने होने पर विष योग का निर्माण माना जाता है। यह योग कुंडली में तब भी बनता है, जब चंद्रमा और शनि एक ही भाव में स्थित हों। इस योग को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में कुछ राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।