Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक ऐसी अवधि है, जिसमें सभी तरह के शुभ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती हैं। माना जाता है कि, इसका अशुभ प्रभाव काम में बाधाएं और उसकी सफलता को प्रभावित कर सकता है।
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक ऐसी अवधि है, जिसमें सभी तरह के शुभ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती हैं। माना जाता है कि, इसका अशुभ प्रभाव काम में बाधाएं और उसकी सफलता को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि अक्सर ग्रहण लगने से पहले उससे जुड़ी सभी जानकारियां एकत्रित कर ली जाती हैं। हालांकि, चंद्र ग्रहण खलोग व ज्योतिष दृष्टि की अहम घटनाओं में से एक है। कहते हैं कि जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आते हैं, तो सूर्य का प्रकाश पृथ्वी की वजह से चंद्रमा पर नहीं पड़ता, इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। साल 2025 में ये खगोलीय घटना दो बार देखने को मिली हैं। ऐसे में सवाल है कि, नववर्ष 2026 में कब-कब चंद्र ग्रहण लगेगा। आइए इस बारे में जानते हैं।
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण
ज्योतिषियों के मुताबिक नववर्ष 2026 में पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जा सकता है। इसका समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ऐसे में चंद्रग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी। पंचांग के मुताबिक, साल के पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर घटित होगा और इस दिन होलिका दहन है। वहीं सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल प्रारंभ होगा।
साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण
28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। परंतु इसका ज्योतिषीय प्रभाव मान्य हो सकता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इस कारण सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।