बुध कन्या से तुला राशि में 26 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर गोचर करेंगे। आइए जानते हैं बुध के राशि परिवर्तन से मेष, वृषभ और मिथुन राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
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बुध का तुला राशि में गोचर और प्रभाव
- फोटो : अमर उजाला
बुद्धि, व्यापार और वाणी के कारक ग्रह बुध 26 सितंबर को तुला राशि में गोचर करेंगे। बुधदेव इस राशि में 2 दिसंबर तक रहेंगे। आपको बता दें बुध 7 सितंबर से लेकर 26 सितंबर तक अपनी स्वराशि में थे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में बुध मजबूत स्थिति में होते हैं उनकी बुद्धि, और तर्क क्षमता बहुत ही अच्छी होती है। बुध के गोचर करने से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के ऊपर देखने को मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं बुध का तुला राशि में गोचर करने से मेष, वृषभ और मिथुन राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
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मेष राशि
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मेष राशि
- आपके लिए बुध का गोचर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में होगा और मेष राशि वालों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी ग्रह होते हैं।
- ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सप्तम भाव में बुध का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में दांपत्य जीवन और व्यापार में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।
- इस दौरान आपको लंबी दूरी की यात्राओं से बचना चाहिए। साथ ही नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- कार्यक्षेत्र में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों संग बेहतर तालमेल बिठाकर चलना होगा।
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वृषभ राशि
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वृषभ राशि
- वृषभ राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली के दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं।
- तुला राशि में बुध के गोचर करने से यह आपके छठे भाव में संचरण करेंगे।
- वृषभ राशि वालों के लिए बुध का राशि परिवर्तन उनको कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता दिलाएगा।
- इस दौरान आर्थिक लाभ के अच्छे और सुनहरे मौके मिलेंगे। अधूरे कार्य पूरे होंगे।
- मान-सम्मान में वृद्धि के योग हैं और आपके द्वारा किए गए कार्य पूर होंगे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं।