उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा दर्पण अपनों से दुश्मनी, मुकदमेबाजी आदि का कारण बनता है। इस दिशा में लगा तथा घर की युवा महिला सदस्य दुखी रहती है । दक्षिण - पश्चिम दिशा में दर्पण लगाने से घर के मुखिया को घर से बाहर रहना व अनावश्यक एवं आकस्मिक ख़र्चों का सामना करना पड़ता है । दक्षिण पूर्व में लगा दर्पण वैचारिक मतभेद , तर्क-वितर्क , संबंधों के अलगाव गुस्सा ; पश्चिम में लगा दर्पण अनावश्यक आराम , काम पर न जाना या खाली बैठना तथा उत्तर, उत्तर-पूर्व , पूर्व दिशा की दीवार पर दर्पण लगाने से बीमारयां आती हैं ।