फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंडली के 12 अशुभ संकेत, जिससे व्यक्ति कभी अमीर नहीं बन पाता

Sun, 11 Aug 2019 10:22 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों योग बनते हैं। शुभ योग को राजयोग और अशुभ योग को विष योग के नाम से जाना जाता है। अगर किसी की कुंडली में राजयोग के साथ विष योग भी है तो व्यक्ति कभी भी सुख नहीं भोग पाता है। विष योग शनि और चंद्रमा के कारण बनता है।

- ज्योतिष में चंद्रमा मन कारक है और शनि पीडा का। अगर किसी की कुंडली में चंद्र और शनि का योग बनता है तो उसे विष योग कहते हैं। यह योग व्यक्ति की मानसिक परेशानियां को बढ़ता है। 
- अगर किसी व्यक्ति के पास ढ़ेर सारी धन-संपदा और पैसे हैं और कुंडली में विष योग है तो ऐसा व्यक्ति उस धन का उपयोग नहीं कर पाता है। कुंडली में विष योग हो और अन्य शुभ योग का अभाव हो तो अमीर व्यक्ति धीरे-धीरे गरीब होने लगता है।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
विज्ञापन

2 of 6
- किसी की कुंडली के पहले भाव में चंद्र-शनि का योग हो तो व्यक्ति को संघर्षों का सामना करना पड़ता है। 
- दूसरे भाव में चंद्र-शनि का योग होने से व्यक्ति का जीवन साधारण रहता है।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
विज्ञापन

3 of 6
- तीसरे भाव में चंद्र-शनि का योग होने से घर में चोरी होने के योग बन सकते हैं।
- कुंडली के चौथे भाव में चंद्र-शनि का योग शुभ फल दे सकता है।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

4 of 6
- पंचम भाव में विष योग होना संतान के लिए शुभ नहीं होता है।
- छठे भाव में चंद्र-शनि विष योग होने पर धन की हानि होती है।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
विज्ञापन

5 of 6
कुंडली
- सप्तम भाव में ये चंद्र-शनि विष योग होने पर बीमारी हो सकती है।
- अष्टम भाव में विष योग होने पर व्यक्ति को सांप से सावधान रहना चाहिए।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
- नवम भाव में ये योग होने से व्यक्ति को शुभ-अशुभ दोनों तरह के फल मिलते हैं।
- एकादश भाव में विष योग अशुभ फल देता है। 
- द्वादश भाव में विष योग होने पर व्यक्ति धन के मामले में लालची नहीं होता है।

कैसे बदलेगी आपकी कुंडली आपका भाग्य? जानिये प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रुपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें