ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों योग बनते हैं। शुभ योग को राजयोग और अशुभ योग को विष योग के नाम से जाना जाता है। अगर किसी की कुंडली में राजयोग के साथ विष योग भी है तो व्यक्ति कभी भी सुख नहीं भोग पाता है। विष योग शनि और चंद्रमा के कारण बनता है।
- ज्योतिष में चंद्रमा मन कारक है और शनि पीडा का। अगर किसी की
कुंडली में चंद्र और शनि का योग बनता है तो उसे विष योग कहते हैं। यह योग व्यक्ति की मानसिक परेशानियां को बढ़ता है।
- अगर किसी व्यक्ति के पास ढ़ेर सारी धन-संपदा और पैसे हैं और कुंडली में विष योग है तो ऐसा व्यक्ति उस धन का उपयोग नहीं कर पाता है। कुंडली में विष योग हो और अन्य शुभ योग का अभाव हो तो अमीर व्यक्ति धीरे-धीरे गरीब होने लगता है।
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