समुद्रशास्त्र जिसकी रचना भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने की है ऐसा माना जाता है। इसमें शरीर के अंगों पर मौजूद चिन्ह, हथेली में मौजूद रेखाओं और शरीर की बनावट के आधार पर व्यक्ति के गुण, स्वभाव, धन, प्रेम, विवाह और संतान के बारे में भविष्यवाणी की गई है। इसमें कुछ ऐसे चिन्ह बताए गए हैं जो नपुंसकता की ओर इशारा करते हैं यानी व्यक्ति संतान उत्पन्न करने की क्षमता में कमी की ओर इशारा करते हैं।
विज्ञापन
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
2 of 8
हस्तरेखा
हृदय रेखा के अंत में कोई शाखा नहीं निकलना।
विज्ञापन
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
3 of 8
नाखून
नाखून पीले और भंगुर यानी आसानी से टूट जाते हों।
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के ि
4 of 8
हस्तरेखा
शुक्र पर्वत हथेली में बहुत दबा हुआ होना।
विज्ञापन
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
5 of 8
हस्तरेखा
शुक्र पर्वत पर वृत्त यानी गोल आकृति होना भी यौन क्षमता में कमी का सूचक माना जाता है।
विज्ञापन
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
6 of 8
हस्तरेखा
बुध रेखा का शाखाओं में बंटा हुआ होना भी यौन क्षमता को प्रभावित करता है।
विज्ञापन
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
7 of 8
palmistry
स्वास्थ्य रेखा पर तारा या कट का निशान रोग और यौन क्षमता में कमी का भी संकेत माना जाता है।
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
8 of 8
palmistry
इन रेखाओं से पूरी तरह से यौन रोग होने की पुष्टि नहीं होती है। इसके साथ हथेली की कुछ अन्य रेखाओं का भी आंकलन किया जाता है जिससे स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होती है।