एक तरफ जहां ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति की जन्म कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति का अध्ययन करके उसके भविष्य और स्वभाव के बारे में जानकारियां प्राप्त होती हैं तो दूसरी तरफ हस्तरेखा शास्त्र में व्यक्ति की हथेली पर मौजूद लकीरों,निशानों और तिलों का विश्लेषण कर उसके भाग्य, सेहत, धन लाभ और वैवाहिक जीवन के बारे में जानकारी हासिल की जाती है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर मौजूद तिल का अपना महत्व होता है। हथेली पर तिल किस स्थान पर बना है उसी के आधार पर व्यक्ति के भाग्य के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।