17 अक्तूबर, शनिवार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो रहे हैं। नवरात्रि में माता के नौ स्वरूपों की पूजा और आराधना होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में नवदुर्गा की पूजा करने से सभी नौ ग्रह शांति की जा सकती है। नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा होती है जिसमें पहले नवरात्रि पर मां शैलपुत्री, दूसरे नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे में माता चंद्रघंटा, चौथे नवरात्रि पर मां कुष्मांडा, पांचवें नवरात्रि में स्कंदमाता, छठे में मां कात्यायनी, सातवें में मां कालरात्रि, आठवें दिन में मां महागौरी और नवें नवरात्रि पर में माता सिद्धिदात्रि का पूजन किया जाता है। लेकिन नवग्रहों की शांति पर माता के स्वरूप के क्रम में फेरबदल हो जाता है। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आइये जानते हैं नवरात्रि पूजा में कैसे होती है नवग्रहों की शांति।