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आरती उतारते और दीपक प्रज्वलित करते समय रखते हैं इन बातों का ध्यान, तो होगी मनोकामना पूर्ण

Thu, 20 May 2021 12:06 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
हिंदू धर्म में हर शुभ कार्य और दैनिक पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान में दीपक अवश्य जलाया जाता है। बिना दीपक प्रज्वलित किए पूजन पूर्ण नहीं माना जाता है। इसी तरह से हर अनुष्ठान और पूजा के पूर्ण होने पर देवी-देवताओं की आरती अवश्य उतारी जाती है। दीपक प्रज्वलित करने और आरती उतारने से संबंधित महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, इसलिए पूजा के दौरान दीपक प्रज्वलित करने और आरती करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है तभी पूजा पूर्ण होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
 
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
ज्यादातर लोगों को आरती करने का सही तरीका नहीं पता होता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार आरती करते समय सबसे पहले अपने ईष्टदेवता के चरणों की तीन बार आरती उतारनी चाहिए, इसके बाद दो बार मुखारविंद से चरणों तक तीन बार ऊं की आकृति बनाते हुए आरती उतारनी चाहिए। इस तरह से आरती उतारने पर ही आरती पूरी मानी जाती है और इससे ईष्टदेव प्रसन्न होते हैैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं। जिससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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तुलसी पूजन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
धर्म शास्त्रों में तुलसी के पौधे के नीचे संध्या के समय दीपक जलाने का बहुत महत्व माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से को उस स्थान विशेष पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। ज्यादातर लोग तुलसी में ऐसे ही दीपक प्रज्वलित कर देते हैं लेकिन तुलसी में दीपक प्रज्वलित करते हुए उसे चावल का आसन देना चाहिए और रोज शाम को दीपक जलाना चाहिए।

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बृहस्पतिवार को केले की जड़ में दीपक जलाना चाहिए - फोटो : pixabay
केले के पेड़ के नीचे दीपक प्रज्वलित करना
गुरुवार के दिन केले के पेड़ में दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे बृहस्पतिदेव की कृपा बनी रहती है। यदि आप भी केले के वृक्ष में तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शुद्ध घी का दीपक ही प्रज्वलित करना चाहिए।
 
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पीपल के नीचे दीपक प्रज्वलित करना
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिवार को पीपल के नीचे दीपक हमेशा या तो सूर्यास्त के बाद या फिर सूर्योदय से पहले जलाना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक अमावस्या को रात्रि में पीपल के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में खुशहाली आती है। मान्यता है कि यदि नियमित रूप से लगातार 41 दिनों तक पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित किया जाए तो सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
 
 
 
 
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