फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Astrology and Gemstones: क्या उंगलियों में रत्न पहनने से बदलता है जीवन? जानिए कितना विज्ञान कितनी कल्पना

सार

ज्योतिषीय उपायों में रत्न धारण करना सबसे सरल, प्राथमिक और महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। ज्योतिषाचार्य कुंडली के अनुसार लग्न, चंद्र राशि और महादशा के आधार रत्न पहनने की सलाह देते हैं। आपने देखा होगा कि कई लोग अपनी उंगलियों में रत्नों को पहनते हैं। इन रत्नों को धारण करने का अपना विज्ञान है।करियर, व्यापार और नौकरी की समस्या हो या फिर स्वास्थ्य व शिक्षा संबंधी दिक्कतें, माना जाता है कि रत्नों को धारण करने से कई तरह की समस्याओं में लाभ होता है। सवाल यह उठता है कि रत्नों का विज्ञान आखिर है क्या? क्या हमारे जीवन में वाकई रत्नों का प्रभाव होता है ? क्या सच में इसे पहनने से व्यक्ति का जीवन बदलता है? रत्न विज्ञान से जुड़े ऐसे ही सवालों का जवाब यह लेख आपको देगा- 
विज्ञापन
1 of 16
प्राचीन काल से ही रत्नों का प्रयोग आभूषणों के रूप में किया जा रहा है और इन्हें आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व से भी जोड़ा जाता है। - फोटो : अमर उजाला
Gemstones Science: ज्योतिष-शास्त्र में उपायों का अपना महत्व है। ग्रह दशाओं के चलते हर व्यक्ति का जीवन कहीं कहीं प्रभावित होता है। वैदिक पाराशर होरा शास्त्र हो या फिर नाड़ी ज्योतिष या फिर जेमिनी ज्योतिष हर प्राचीन ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों को शांत करने के उपाय बताए गए हैं। ज्योतिषीय उपायों की अपनी कार्य प्रणाली होती है जिसमें ग्रहों की पूजा और शांति से लेकर देवताओं की पूजा-पाठ तक जैसे उपाय बताए जाते हैं लेकिन सबसे प्रचलित उपाय है रत्नों का।

जी हां ज्योतिषाचार्य कुंडली के अनुसार लग्न, चंद्र राशि और महादशा के आधार रत्न पहनने की सलाह देते हैं। आपने देखा होगा कि कई लोग अपनी उंगलियों में रत्नों को पहनते हैं। इन रत्नों को धारण करने का अपना विज्ञान है। ज्योतिषीय उपायों में रत्न धारण करना सबसे सरल, प्राथमिक और महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। करियर, व्यापार और नौकरी की समस्या हो या फिर स्वास्थ्य व शिक्षा संबंधी दिक्कतें माना जाता है रत्नों को धारण करने से कई तरह की समस्याओं में लाभ होता है। सवाल यह उठता है कि रत्नों का विज्ञान आखिर है क्या? क्या हमारे जीवन में वाकई रत्नों का प्रभाव होता है ? क्या सच में इसे पहनने से व्यक्ति का जीवन बदलता है? रत्न विज्ञान से जुड़े ऐसे ही सवालों का जवाब यह लेख आपको देगा- 
विज्ञापन

2 of 16
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्नों का जीवन में बेहद खास महत्व होता है। - फोटो : freepik

उंगलियों में रत्न पहनने से क्या सच में बदलता है जीवन ?

प्राचीन काल से ही रत्नों का प्रयोग आभूषणों के रूप में किया जा रहा है और इन्हें आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि रत्नों को धारण करने से व्यक्ति की सारी परेशानियां दूर होती हैं, साथ ही इसका किस्मत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रत्न व्यक्ति के रूप और सौंदर्य को बढ़ाने का कार्य भी करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में रत्नों के प्रभाव को ग्रहों से जोड़ा जाता है। प्रत्येक ग्रह किसी न किसी रत्न से जुड़ा होता है, जिसे धारण करने पर उस ग्रह की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्नों का जीवन में बेहद खास महत्व होता है। इसे धारण करने पर व्यक्ति को सफलता, मानसिक शांति और मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती है। 
विज्ञापन

3 of 16
आमतौर पर लोग इसे अपनी उंगलियों में धारण करते हैं, जिसका जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। - फोटो : freepik
रत्नों में कितना काम करता है विज्ञान
वैज्ञानिकों के अनुसार खनिज जिसका रंग और रूप आकर्षक हो वह रत्न कहलाता है। इसकी प्रवृत्ति बेहद कठोर होती है, जो प्राकृतिक परिस्थितियों और मानवीय हस्तक्षेप के बावजूद भी टिकी रहती है। आमतौर पर लोग इसे अपनी उंगलियों में धारण करते हैं, जिसका जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसका उपयोग न केवल ज्योतिषीय उद्देश्यों बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी किया जाता है। "माइंडफुलनेस" और "वेलनेस" इंडस्ट्री में क्रिस्टल थेरेपी और रत्नों का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

4 of 16
विज्ञान के अनुसार माणिक्य, पन्ना जैसे रत्नों को पहनने पर व्यक्ति की ऊर्जा में वृद्धि होती है - फोटो : freepik
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार कुछ रत्न जैसे कि हीरा और नीलम अपने चुंबकीय गुणों से जानें जाते हैं। इसे धारण करने पर व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सही रहता है। वहीं कुछ रत्नों का हमारी ऊर्जा पर गहरा असर होता है। विज्ञान के अनुसार माणिक्य, पन्ना जैसे रत्नों को पहनने पर व्यक्ति की ऊर्जा में वृद्धि होती है और रत्न, खनिजों, कार्बनिक पदार्थों, अन्य अकार्बनिक पदार्थों, या चट्टानों से बनते हैं। इन्हें उंगलियों में धारण करने पर मनुष्य ऊर्जा क्षेत्रों के साथ परस्पर क्रिया करता है। इससे मानव शरीर में उपचार गुण भी विकसित होते हैं, जिससे व्यक्ति बीमारियों से लड़ने में कारगर होता है।
विज्ञापन

5 of 16
भारत में रत्नों का कारोबार करोड़ो रुपये का है। - फोटो : freepik

रत्नों पर किए गए अध्ययन


स्टडी 1
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने क्रिस्टल थेरेपी पर अध्ययन किया है। इस अध्ययन में पाया गया है कि क्रिस्टल और रत्नों को धारण करने से व्यक्ति  तनाव में कमी महसूस करता है।
विज्ञापन

6 of 16
भारतीय शोध के अनुसार रत्न शरीर के चक्रों पर ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। - फोटो : freepik
स्टडी 2
रत्न पहनने के प्रभाव को जानने के लिए साल 2018 में University of Arizona में एक अध्ययन किया गया है। इसके अनुसार क्रिस्टल और रत्न धारण करने पर मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखे जाते हैं। इसे विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ा गया है।
विज्ञापन

7 of 16
अलग-अलग ग्रहों के लिए अलग-अलग रत्न होते हैं। - फोटो : adobe
स्टडी 3
भारतीय शोध के अनुसार रत्न शरीर के चक्रों पर ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इससे स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह शोध बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर में किया गया है।

8 of 16
रत्न रत्ती और अंग्रेजी में कैरेट में मापे जाते हैं। - फोटो : abobe

किस ग्रह का कौन-सा है रत्न

ग्रह: शुक्र
रत्न: हीरा
नियम

  • हीरा पहनने से पहले उसकी प्राण-प्रतिष्ठा करानी चाहिए।
  • इस रत्न को 7 रत्ती की सोने की अंगूठी में ही पहनना चाहिए।
  • हीरा रत्न को शुक्रवार के दिन धारण करें।

9 of 16
हर रत्न पहनने का अपना नियम होता है। - फोटो : abobe
ग्रह: शनि
रत्न: नीलम
नियम
  • नीलम रत्न को चांदी की अंगूठी में पहना जा सकता है।
  • इसका प्रभाव 5 वर्षों तक रहता है, इसके बाद इसे बदल लें।

10 of 16
आमतौर पर चंद्र राशि और लग्न के हिसाब से रत्न बताया जाता है। - फोटो : freepik
ग्रह: राहु
रत्न: गोमेद
नियम
  • गोमेद रत्न को अष्टधातु या चांदी की अंगूठी में पहनना चाहिए
  • तीन वर्षों बाद रत्न को बदल देना चाहिए।
  • राहु ग्रह की शांति के लिए 4 रत्ती का गोमेद धारण करें।

11 of 16
माना जाता है कि रत्नों को 3 वर्ष के बाद बदल लेना चाहिए। - फोटो : freepik
ग्रह: केतु
रत्न: लहसुनिया
नियम
  • लहसुनिया रत्न को गुरुवार या शनिवार को शाम के समय पहनना चाहिए।
  • केतु की शांति के लिए 4 रत्ती का लहसुनिया रत्न को धारण करना चाहिए।
  • यह 3 वर्षों के बाद बदल लेना चाहिए।

12 of 16
हर रत्न हर ग्रह की ऊर्जा को आकर्षित करता है। - फोटो : adobe
ग्रह: सूर्य
रत्न: माणिक्य
नियम
  • माणिक्य रत्न को हमेशा अनामिका उंगली (ring finger) में धारण करना चाहिए। 
  • इसे पहनने से पहले इस अंगूठी का गाय के दूध और गंगाजल से अभिषेक करें।
  • इस रत्न को कम से कम 5 रत्ती की सोने की अंगूठी में जड़वाएं।

13 of 16
मोती रत्न का जीवन पर प्रभाव - फोटो : adobe

ग्रह: चंद्र
रत्न: मोती
नियम
  • मोती धारण को पहनने के लिए सोमवार का दिन उचित माना जाता है।
  • इस रत्न को हमेशा सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए।

14 of 16
मूंगा पहनने के नियम - फोटो : abode
ग्रह: मंगल
रत्न: मूंगा
नियम
  • मूंगा रत्न को तांबे या चांदी में जड़वाकर पहनना ही चाहिए।
  • इसे धारण करने के लिए मंगलवार का दिन सबसे शुभ होता है।
  • मंगल को शांत करने के लिए कम से कम 8 रत्ती का मूंगा पहनना चाहिए।

15 of 16
पन्ना पहनने के लाभ - फोटो : abode
ग्रह: बुध
रत्न: पन्ना
नियम
  • पन्ना रत्न को हमेशा बुधवार के दिन धारण करना चाहिए।
  • इसे सोने की अंगूठी के साथ ही जड़वाकर पहनें।
विज्ञापन

16 of 16
पुखराज के बारे में जानें - फोटो : abode
ग्रह: गुरु
रत्न: पुखराज
नियम
  • गुरु ग्रह का आशीर्वाद पाने के लिए 4 रत्ती का पुखराज पहनना चाहिए।
  • इसे गुरुवार के दिन धारण करना सबसे शुभ माना जाता है।
  • पुखराज को गंगाजल में धोकर ही धारण करना चाहिए।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक सामान्य शोध और सहज जानकारी व मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें