गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मंगलमूर्ति विघ्नहर्ता भगवान गणेश के अवतरण दिवस के रूप में देश ही नहीं, अपितु विश्वभर के सनातन धर्मावलम्बियों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। गणपति आदिदेव हैं जिन्हें प्रथम पूज्य की गरिमामय पदवी हासिल है। सनातन धर्म के अनुसार किसी भी कार्य के पहले गणेश जी पूज्यनीय हैं। इसलिए इन्हें आदिपूज्य भी कहते हैं। आइए जानते हैं बड़े ही मनमोहक से दिखने वाले गणेश जी के भव्य और दिव्य स्वरुप, शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है।
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