राहु और केतु
राहु-केतु
राहु-केतु को पापक ग्रह माना जाता हैं ज्योतिष में इन्हें छाया ग्रह माना गया है इनके खराब होने से मानसिक तनाव के साथ आपको आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। रिश्तों मे गलतफहमियां आ जाती हैं जिससे आपके संबंध खराब होते हैं। इनके खराब होने से आपको वाहन दुर्घटना, मान-सम्मान में हानि, शत्रु बाधा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन ग्रहों के कुप्रभाव से बचने के लिए कुष्ठ रोगियों की मदद करनी चाहिए। रोज स्नान करने के साथ रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए। जूते-चप्पलों को हमेशा साफ रखना चाहिए और सही जगह पर ही रखें। सप्ताह में एक बार मंदिर जरुर जाएं।
राहु को शांत करने के लिए इस मत्रं का जाप रुद्राक्ष की माला से रात के समय करें।
"ॐ रां राहवे नमः"
केतु को शांत करने के लिए इस मंत्र का जाप भी रुद्राक्ष की माला से रात्रि में करें।
"ॐ कें केतवे नमः"