ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि, सूर्य, गुरू, मंगल, बुध, शुक्र, चंद्रमा और राहु-केतु, को नवग्रह कहा जाता है। इन नवग्रहों की शुभ-अशुभ स्थिति व्यक्ति पर गहरा प्रभाव करती हैं। ग्रहों की शुभ स्थिति से व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है और तरक्की प्राप्त होती है, तो वहीं ग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएं आने लगती हैं। प्रत्येक ग्रह अलग-अलग फल प्रदान करता है। हर ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए अलग-अलग मंत्रों का जाप किया जाता है। इन मंत्रों के जाप से आप ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण होने वाली परेशानियों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं किस ग्रह को शांत करने के लिए कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए।