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Chandrama Effects: मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा, जानिए क्या है इसका मन से संबंध और प्रभाव

Wed, 23 Aug 2023 09:26 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : istock
Chandrama Effects: सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया को 23 अगस्त की शाम का बेसब्री से इंतजार है। हर किसी की नजरें चंद्रयान-3 मिशन पर टिकी हुई हैं। 23 अगस्त की शाम चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह पर उतरेगा। ऐसे में हर जगह चंद्रमा की चर्चा बढ़ गई है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्रमा का महत्व तो होता है, ज्योतिष शास्त्र में भी इसे बहुत खास माना जाता है। खगोल विज्ञान में चंद्रमा को पृथ्वी ग्रह का उपग्रह माना जाता है। वहीं ज्योतिष में इसके द्वारा व्यक्ति की चंद्र राशि ज्ञात होती है। इसका आकार सभी नौ ग्रहों में सबसे छोटा होता है, परंतु इसकी गति सबसे तेज होती है।

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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : istock
वैदिक ज्योतिष में यह मन, माता, मानसिक स्थिति, तरल पदार्थ (जल), सुख-शांति, धन-संपत्ति का कारक होता है। चंद्रमा का सबसे ज्यादा प्रभाव मन पर होता है। कहा जाता है कि यदि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी हो तो व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ होता है, लेकिन चंद्रमा के कमजोर होने पर कई तरह की मानसिक बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं चंद्रमा का मन से कैसे है चन्द्रमा का संबंध और इसका मन पर क्या प्रभाव होता है...  
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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : istock
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का बहुत अधिक महत्व होता है, क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति की कुंडली के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। वहीं वैदिक ज्योतिष में चन्द्रमा मन का कारक है और इसे कर्क राशि का स्वामित्व प्राप्त है।

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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : pexel
चंद्रमा का मन से संबंध
वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा और मन का गहरा संबंध होता है। यदि किसी जातक का चंद्रमा कमजोर है तो उसके मन पर विपरीत प्रभाव पड़ते हैं। वहीं यदि किसी जातक का चंद्रमा बलवान है, तो जातक के मन पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि मन और चंद्रमा एक दूसरे से काफी महत्वपूर्ण संबंध रखते हैं। 
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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : iStock
ज्योतिष के अनुसार यदि किसी जातक को कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो उसे कई तरह की मानसिक बीमारियां परेशान करने लगती हैं। कमजोर चंद्रमा वाला जातक भयभीत रहेगा। 10 बार समझाने के बाद भी वो बात को नहीं समझता है। ऐसे इंसान की मां का स्वास्थ्य कमजोर रहता है। वहीं अगर बलहीन चंद्र पर पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो ऐसा व्यक्ति आत्महत्या भी कर सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को कुंडली में चंद्रमा सही दशा में न हो तो उसे कुछ उपाय करने चाहिए।
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मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा - फोटो : iStock
इन उपायों से करें चंद्रमा को मजबूत
  • चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने के लिए शिवजी का पूजन करना चाहिए।
  • चंद्रमा को मजबूत करने के लिए जातक को सोमवार को सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • चंद्रमा को मजबूत करने के लिए व्यक्ति को मोती धारण करना चाहिए।
  • आप चंद्रमा के रत्न चंद्रकांत मणि को भी धारण कर सकते हैं।
  • अपने मन मजबूत करने के लिए आपको भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
  • कमजोर चंद्रमा वाले व्यक्ति को अपने मित्रों और बड़े-बुजुर्गों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
  • इसके अलावा आपको अपने चंद्रमा कमजोर होने के बारे में किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह जरूर करनी चाहिए।
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