सनातन धर्म को मानने वाले ज्यादातर लोग शालीग्राम के बारे में जानते होंगे। काले रंग के चिकने अंडाकार पत्थर के स्वरुप में इनकी पूजा की जाती है। स्वयंभू होने के कारण इनकी प्राण-प्रतिष्ठा करवाने की आवश्यकता भी नहीं होती है। इसलिए भक्तजन इनको घर लाकर सीधे ही आसन पर विराजमान करके इनकी पूजा कर सकते हैं। इन्हें भगवान श्री हरि विष्णु का स्वरुप माना जाता है। इन्हें घर में रखकर नियमित रूप से पूजा करने से आपको कई तरह की परेशानियों से निजात मिलती है। घर में सुख-समृद्धि आती है।