Budh Gochar: गोचर शब्द का सीधा मतलब ग्रहों की चाल से है। ग्रह जब राशि परिवर्तन करता है तो उस कार्य को गोचर कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र में नौ ग्रहों का वर्णन है वह हैं सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु। ये ग्रह अपनी गति के अनुसार एक अवधि काल में राशि परिवर्तन करते हैं। हर राशि पर ग्रह गोचर से सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इससे आपके स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, कार्यक्षेत्र अदि पर प्रभाव पड़ता है। बुद्धि और ज्ञान के स्वामी कहे जाने वाले ग्रह बुध ने 25 अप्रैल को मेष राशि की यात्रा समाप्त करके वृषभ राशि में प्रवेश कर लिया है। इस अवधि के मध्य ये 10 मई को वक्री और 3 जून को मार्गी होंगे। वक्री-मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए बुध 2 जुलाई को अपनी स्वयं की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। बुध गोचर धन, बुद्धि, व्यापार, वाणी के कारक हैं। वृषभ राशि में इनका गोचर सभी के लिए कल्याणकारी सिद्ध होता है। बुध का यह राशि परिवर्तन कई राशि वाले जातकों के लिए बेहद शुभ दिन लेकर आ रहा है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक मामलों और करियर में समस्याएं झेल रहे थे, उनके दिन अब फिर जाएंगे। जानते हैं किन राशि वालों के लिए बुध का राशि परिवर्तन शुभ साबित होने वाला है।