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हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है गायत्री मंत्र, जानें जाप की विधि और नियम

Fri, 23 Oct 2020 06:43 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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gayatri mantra
गायत्री मंत्र का जाप बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। इसके जाप से व्यक्ति हर कष्ट से मुक्ति पा सकता है। गायत्री मंत्र का जाप शिक्षा के क्षेत्र में भी सफलता दिलाने में कारगर है। इस मंत्र के जाप से पढ़ाई में ध्यान लगने लगता है। गायत्री मंत्र शिक्षा का साथ अन्य क्षेत्रों में सफलता दिलाता है। इस मंत्र का  जाप नियम और निष्ठा करने से हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है। इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति का अनुभव होता है। व्यापार हो या निजी जीवन गायत्री मंत्र के जाप से आपके जीवन में हर ओर से खुशियां आती हैं। अगर आप इस मंत्र का जाप ज्यादा बार नहीं कर सकते तो 108 बार अवश्य करना चाहिए। लेकिन इस मंत्र का जाप नियम के साथ करना आवश्यक है जानते हैं गायत्री मंत्र जाप की विधि और नियम 
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जाप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गायत्री मंत्र
भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
  • गायत्री मंत्र का जाप तीनो समय करना असरकारी रहता है। इसलिए सुबह, शाम और दोपहर के समय यह जाप करना चाहिए। 
  • सुबह के समय गायत्री मंत्र का जाप सूर्योदय से पहले आरंभ कर देना चाहिए और सूर्योदय के कुछ समय पश्चात तक करना चाहिए। 
  • संध्या के समय भी सूर्यास्त से कुछ समय पहले आरंभ कर देना चाहिए और सूर्यास्त के कुछ समय पश्चात तक करना चाहिए। 
 
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mantra jaap
गायत्री मंत्र के जाप का विधि 
  • गायत्री मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करना सही रहता है।
  • गायत्री मंत्र का जाप कभी ऊंचे स्वर में नहीं करना चाहिए। 
  • मौन रहकर इस मंत्र का जाप किसी भी समय कर सकते हैं। 
  • गायत्री मंत्र का जाप करते समय मंत्र के आगे और पीछो श्री का संपुट लगाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
गायत्री मंत्र के जाप करने के नियम
  • गायत्री मंत्र का जपा करते समय तन के साथ मन की स्वच्छता होना भी आवश्यक होता है। 
  • गायत्री मंत्र काजाप करते समय स्वच्छ और सूती वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • किसी गुरु या जानकार व्यक्ति के मार्ग दर्शन  में इस मंत्र का जाप हितकर है। 
  • गायत्री मंत्र का जाप करते समय कुशा के आसन का प्रयोग करना चाहिए।
  • रुद्राक्ष के अलावा तुलसी या चंदन की माला का प्रयोग भी किया जा  सकता है। 
  • सुबह के समय जब जाप करे तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठे।
  • संध्या के समय पश्चिम दिशा की ओर मुख करके जाप करना उचित होता है। 
  • वैसे तो गायत्री मंत्र का जाप कोई भी कर सकता है परंतु गायत्री मंत्र का जाप करते समय सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
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