सनातन धर्म में पंचदेवों में से सूर्य देव भी माने गए हैं। ज्योतिष में भी सूर्य का बहुत महत्व माना गया है, ज्योतिष के अनुसार सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। यह मनुष्य के जीवन में मान-सम्मान, पिता-पुत्र और सफलता का कारक माना गया है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। इस तरह से बारह राशियों में सूर्य एक वर्ष में अपना चक्र पूर्ण करते हैं। सूर्य को आरोग्य दाता माना गया है। सूर्य के प्रकाश से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। सूर्य को प्रतिदिन जल देने से जातक को आध्यात्मिक लाभ तो प्राप्त होते हैं साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। भगवान सूर्य नारायण की कृपा पाने और कुंडली में सूर्य की अनुकूलता बनाएं रखने के लिए प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। इससे आपको समाज में मान-सम्मान और प्राशसनिक आधिकारियों का सहयोग प्राप्त होता है। आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं, लेकिन सूर्य को जल देते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। इन बातों को ध्यान में रखकर यदि सूर्य को जल अर्पित करते हैं तो आपके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सभी बिगड़े काम भी बनने लगते हैं।