Astrology: जन्म कुंडली के अध्ययन में भी सूर्य की अहम भूमिका होती है। हिन्दू धर्म में सूर्य को देवता का स्वरूप मानकर इसकी आराधना की जाती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को तारों का जनक माना जाता है। यह एक मात्र ग्रह है जो कभी वक्री नहीं चलता। ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है। सूर्य को कुंडली में सम्मान व उन्नति का कारक माना गया है। वहीं सूर्य बुध से योग कर बुधादित्य योग का निर्माण करता है। हिन्दू ज्योतिष में सूर्य ग्रह जब किसी राशि में प्रवेश करता है तो वह धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ समय होता है। ज्योतिष अनुसार अगर कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, तो व्यक्ति रोगों से घिरा रहता है। साथ ही, व्यक्ति को नौकरी, बिजनेस, राजनीति, आदि किसी भी काम में सफलता हाथ नहीं लगती। सूर्य कमजोर होने पर सूर्य ग्रह का दोष लगता है। ऐसे में कुछ उपायों द्वारा सूर्य ग्रह को मजबूत करना जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रह को मजबूत करने के इन उपायों के बारे में।