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Grahan Yog In Kundali: कुंडली में ये युति बनती है तनाव और डिप्रेशन का कारण, समय रहते करें ये उपाय

Wed, 08 Apr 2026 12:52 PM IST
Jyoti Mehra ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Chandrama and rahu dosha in kundli: ज्योतिष शास्त्र मानता है कि मानसिक उतार-चढ़ाव के पीछे हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेष युति का गहरा असर हो सकता है, जो सीधे हमारे मन और भावनाओं को प्रभावित करती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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मानसिक तनाव के लिए ये ग्रह हैं जिम्मेदार जानें उपाय - फोटो : Amar Ujala
Astro remedies for mental stress: ज्योतिष में यह माना जाता है कि व्यक्ति के जीवन में घटने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं का संबंध उसकी कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति से जुड़ा होता है। जीवन की खुशियां, परेशानियां और उतार-चढ़ाव सब कुछ किसी न किसी रूप में कुंडली में दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि इन समस्याओं के समाधान के संकेत भी उसी कुंडली में छिपे होते हैं।

ज्योतिष के अनुसार जब कुछ ग्रह एक साथ विशेष स्थिति बनाते हैं, तो उसका असर व्यक्ति के मन और व्यवहार पर साफ दिखाई देता है। कई बार यही स्थितियां मानसिक तनाव, बेचैनी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को जन्म देती हैं। आइए जानते हैं कि डिप्रेशन के पीछे कौन से ग्रह जिम्मेदार होते हैं और इससे बचने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

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राहु-चंद्र की युति और मानसिक प्रभाव - फोटो : Adobe
राहु-चंद्र की युति और मानसिक प्रभाव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि राहु को अशुभ और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। जब कुंडली में राहु और चंद्रमा एक साथ आते हैं, तो इसे ग्रहण योग कहा जाता है। यह योग व्यक्ति के मन को अस्थिर बना सकता है, जिससे तनाव, नकारात्मक सोच और निराशा बढ़ने लगती है।
 
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राहु-चंद्र की युति और मानसिक प्रभाव - फोटो : adobe stock
अगर यह युति कुंडली के तीसरे भाव में बनती है, तो इसका प्रभाव और गहरा हो सकता है। व्यक्ति आत्मविश्वास की कमी महसूस करता है, निर्णय लेने में कठिनाई होती है और धीरे-धीरे वह निराशावादी सोच की ओर बढ़ सकता है। ऐसे लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है और कई बार वे खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं।

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इन उपायों से मिल सकती है राहत - फोटो : adobe stock
इन उपायों से मिल सकती है राहत
यदि आप लंबे समय से मानसिक तनाव या आत्मविश्वास की कमी महसूस कर रहे हैं, तो ज्योतिष में बताए गए कुछ उपाय सहायक हो सकते हैं।
  • भगवान शिव की ऐसी प्रतिमा की पूजा करें, जिसमें वे अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण किए हुए हों।
  • विशेष रूप से सोमवार के दिन पूजा करना लाभकारी माना जाता है।
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इन उपायों से मिल सकती है राहत - फोटो : adobe stock
  • लगातार 7 सोमवार तक यह पूजा करने से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
  • पूजा के दौरान ‘रुद्राष्टकम’ का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता धीरे-धीरे कम होती है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 


 
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