राहु-चंद्र की युति और मानसिक प्रभाव
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राहु-चंद्र की युति और मानसिक प्रभाव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि राहु को अशुभ और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। जब कुंडली में राहु और चंद्रमा एक साथ आते हैं, तो इसे ग्रहण योग कहा जाता है। यह योग व्यक्ति के मन को अस्थिर बना सकता है, जिससे तनाव, नकारात्मक सोच और निराशा बढ़ने लगती है।