Guru-Surya Yuti: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी ग्रह की चाल का मनुष्य के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। जब भी कोई ग्रह गोचर या युति बनाता है, तो इसका सीधा असर मनुष्य की कुंडली पर पड़ता है। यह प्रभाव शुभ भी हो सकता है और अशुभ भी। कुंभ राशि में सूर्य देव ने गोचर कर लिया है। इस राशि में गुरु ग्रह पहले से ही विद्यमान है। जब दो गृह एक ही राशि में हों तो इसे ग्रहों की युति कहते हैं। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के राजा माने गए सूर्य और सबसे ज्यादा शुभ ग्रह माने जाने वाले गुरु ग्रह 12 साल के बाद कुंभ राशि में युति बना रहे हैं। गुरु-सूर्य की युति उत्कृष्ट योग माना जाता है। यह मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और यश प्रदान करता है। बौद्धिक क्षेत्र में भी यह युति यश प्रदान करती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह युति कुछ राशियों पर शुभ और कुछ राशियों पर अशुभ प्रभाव लेकर आएगा। सूर्य-गुरु की यह युति 15 मार्च 2022 तक रहेगी। आइए जानते हैं गुरु-सूर्य की यह युति किन राशि के जातकों को लाभ प्रदान कराएगी।