हस्त रेखा शास्त्र में हाथों में बनी हुई रेखाओं का आकलन करके व्यक्ति के जीवन के बारे में जानकारी दी जाती है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार कनिष्ठा उंगुली के नीचे और हृदय रेखा के ऊपर बुध पर्वत के पास उपस्थित रेखा को विवाह रेखा माना गया है। किसी भी व्यक्ति के हाथ में ये रेखाएं एक दो या फिर चार की संख्या तक हो सकती हैं। इस रेखा के आधार पर किसी व्यक्ति के दांपत्य जीवन के बारे में काफी हद तक जानकारी दी जा सकती है। हालांकि किसी व्यक्ति के दांपत्य जीवन के बारे में हाथों में उपस्थित अन्य रेखाओं पर भी विचार किया जाना आवश्यक होता है। तो चलिए जानते हैं कि विवाह रेखा को देखकर कैसे जाना जा सकता है कि वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा या दुखी।