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Krishi Vikas Yojana: अब किसान जैविक खेती करके बढ़ा सकते हैं अपनी आय, जानें कैसे मिलेगा इसका लाभ

Wed, 08 Dec 2021 04:40 PM IST
राजेश मिश्रा कृषि डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है  - फोटो : istock
भारत में जैसे जैसे विज्ञान का विकास हुआ है, इसका असर खेती पर भी देखने को मिला है। खेतों में अब नए आधुनिक यंत्रों और तकनीक का उपयोग होने लगा है। पहले किसान खेती करने के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग करते थे लेकिन अब ज्यादा पैदावार के लिए रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे हैं। जिसका असर हमारे स्वास्थ्य के साथ साथ पर्यावरण पर भी दिखने लगा है। कम उम्र में ऐसी बीमारी शरीर को घेर लेती है, जो अंदर से शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करने लगती है। रासायनिक खाद का प्रयोग करने से खेत की उर्वरक क्षमता भी कम होने लगी है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो खेत भी एक दिन बंजर हो जाएंगे जिससे खेती के लायक भूमि ही नहीं बचेगी। अब सरकार का भी ध्यान इस तरफ गया है और रासायनिक खाद का उपयोग कम करने के लिए योजनाएं ला रही है। जैविक खाद का उपयोग करने की दिशा में काम भी कर रही है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कृषि विकास योजना के बारे में...
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परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है  - फोटो : istock
परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है 
 
इस योजना की शुरुआत भारत सरकार के कृषि एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत शुरू की गई थी। इस योजना में किसानों को खेतों को कलस्टर बना कर खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्रक्रिया से सरकार जैविक खेती पर विशेष ध्यान दे रही है। 
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परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है  - फोटो : istock
किसान कैसे लाभ ले सकते हैं 

 वैसे तो ये योजना केंद्र सरकार ने शुरू की है लेकिन इसको लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की हैं। इस योजना के तहत पचास एकड़ का कलस्टर तैयार किया जाता है और एक कलस्टर में पचास या इससे अधिक किसानों को शामिल किया जाता है। सरकार ने जब यह योजना बनाई थी तब तीन साल में एक हजार कलस्टर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। 

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परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है  - फोटो : istock
योजना का लाभ कैसे लें 
 
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कृषि एवं सहकारिता विभाग के राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र गाजियाबाद में अपना पंजीकरण करवाना होता है। इसके अलावा आप अपने राज्य या जिले के कृषि विभाग में भी जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए किसान को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होता है। योजना में किसान को खेती के लिए तीन साल तक प्रति एकड़ कुछ हजार रूपये देने का प्रावधान है। इन रुपयों से किसान खेती के लिए जरूरी उपकरण,बीज,फसल को बाजार में ले जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था कर सकते हैं। 
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परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है  - फोटो : pixabay
योजना से क्या लाभ होंगे 

इस योजन से किसानों को जैविक खेती करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही फसल जहरीले कीटनाशक से मुक्त होगी। इससे फसल शुद्ध पैदा होगी और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। किसानों की आय भी बढ़ेगी। व्यापारी वर्ग को भी एक अच्छा बाजार मिलेगा और किसान प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ेंगे। 
 
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