एक धाकड़ बल्लेबाज, जिसने हौंसले के दम पर कैंसर को पछाड़ दिया। दो बहनें, जिन्होंने छोटी उम्र में ही माउंट एवरेस्ट फतेह कर दिया।
दोनों बहनें नुंगशी और ताशी मलिक विशेष रूप से युवराज से मिलने के लिए सोमवार को देहरादून से चंडीगढ़ आई थीं। यहां उनकी मुलाकात पीसीए स्टेडियम हुई थी। उनके साथ उनके पिता रिटायर्ड कर्नल बीरेंदर सिंह मलिक भी थे। दोनों बहनों ने इस दौरान कैंसर की जंग जीतने के कारण युवराज को अपना हीरो भी बताया।
नुंगशी मलिक ने कहा, ‘मेरे लिए और मेरी बहन के लिए युवराज प्ररेणा के स्रोत हैं। हम आज सुबह जब युवराज से मिलीं। हमने जब उन्हें अपनी सफलताओं के बारे में बताया, तो वे हमसे बहुत प्रभावित हुए। युवी ने हमने से कहा कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में आप दोनों बहनें जो कर रही हैं, वह बहादुरी की बात है।
यह हमारे देश के लिए बहुत गर्व की बात है।’ नुंगशी ने आगे बताया, ‘जब हमने अपने अगले अभियान अंटार्टिका महाद्वीप के माउंट विल्सन को फतेह करने के बारे में बताया, तो युवी ने कहा-इसी तरह से आसमान को छूते रहो (फ्लाई हाई करते रहो)। इससे हमारा हौसला और बढ़ा गया।’ नुंगशी और ताशी अंटार्टिका के लिए 30 नंवबर को दिल्ली से रवाना होंगीं।
मदर ऑफ द ईयर अवॉर्ड-
नुंगशी और ताशी के पिता रिटायर्ड कर्नल बीरेंदर सिंह मलिक ने बताया, ‘हॉल ही में दिल्ली में एक एनजीओ ने युवी की मां और मेरी पत्नी अंजू थापा को मदर ऑफ द ईयर का खिताब दिया था। वहीं, मेरी बेटियाें को युवी के कैंसर को मात देकर दोबारा क्रिकेट में आने की बात ने बहुत प्रभावित किया। तभी दोनों ने निर्णय लिया कि वह युवी से जरूर मिलेंगी। आखिरकार आज उनका इंतजार खत्म हो गया’