यह किसी भी क्रिकेटप्रशंसक को विश्वास नहीं हो रहा है कि ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह लगातार कैच टपका रहे हैं।
युवराज के एक दशक पुराने अंतरराष्ट्रीय करियर में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वे इतना खराब क्षेत्ररक्षण कर रहे हैं।
वह इससे पहले भी कई बार बल्ले से आउट ऑफ फॉर्म रहे हैं लेकिन उस दौरान मैदान पर उनकी चपलता में कोई कमी नहीं आती थी। बल्ले की असफलता को युवराज सिंह शानदार कैच लपकने और रन रोककर दूर करने की कोशिश तो करते ही थे। लेकिन कैच टपकाने के लिए सिर्फ युवराज ही दोषी नहीं है बल्कि कुछ अन्य कारण हैं जिससे कैच छूट रहे हैं।
युवराज ही नहीं अन्य भी टपका रहे कैच
लंबे समय बाद युवराज को जब टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया तो लगा कि एक बार फिर वह क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में छक्कों की बरसात करेंगे, लेकिन टूर्नामेंट में भारत दो मैच खेल चुका है लेकिन वह अभी भी बल्ले से जूझ रहे हैं।
युवराज का आउट ऑफ फॉर्म होना तो समझ में आता है लेकिन उनसे कैच छूटे तो इसे क्या कहा जाएगा। पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने कैच टपकाए।
लेकिन टूर्नामेंट में भाग ले रही टीम इंडिया के अलावा ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य शीर्ष टीमों के भी खिलाड़ी आसान कैच टपका रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से भी छूटे थे 4 कैच
यह महज संयोग नहीं हो सकता कि बांग्लादेश के तीन मैदानों पर खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप के मैचों में एक ही स्टेडियम में कैच छूट रहे हैं।
भारत ने अपने दोनों शुरुआती मैच मीरपुर के शेर-ए-बंगाल स्टेडिम में खेले और दोनों ही मैचों में कई कैच छूटे थे। इस मैदान पर जो कैच छूटे हैं उनमें से ज्यादातर डीप स्क्वायर लेग और मिडविकेट की दिशा में छूटे।
रविवार को भारत और वेस्ट इंडीज के बीच खेले गए मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मैच खेला गया जिसमें कंगारू क्रिकेटरों ने चार आसान कैच टपकाए। ऑस्ट्रेलिया एक ऐसी टीम है जिसे काफी अनुशासित माना जाता है और खिलाड़ी कैच का कोई मौका आसानी से नहीं गंवाते।
सफेद कुर्सियां हैं कैच छूटने का अहम कारण!
अब बात करते हैं कि खिलाड़ी मीरपुर के स्टेडियम में कैच क्यों टपका रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, बांग्लादेश के कप्तान मुशफिकर रहीम इस समस्या का हल ढ़ूंढ़ते हुए बताते हैं कि जब आप वेस्ट एंड पर फील्डिंग करते हैं तो वहां पर सफेद बॉल को देखना संभव नहीं हो पाता। इसका मुख्य कारण यह है कि स्टेडियम के वेस्ट एंड के तरफ की कुर्सियां सफेद हैं और इस कारण जब गेंद हवा में आती है तो साफ नहीं दिखाई देती।
कैच छूटने का दूसरा अहम कारण यहां की फ्लड लाइटें भी हैं। फ्लड लाइट्स के टॉवर बहुत नीचे हैं, इसलिए मिडविकेट की ओर क्षेत्ररक्षण के दौरान फील्डरों को काफी तकलीफ होती है।
कुर्सी-फ्लड लाइट के अलावा यह भी है दिक्कत
सफेद कुर्सी और फ्लड लाइट के अलावा एक और समस्या है जिस कारण कैच छूट रहे हैं।
कैच लपकने और सही से पकड़कर थ्रो करने में ओस भी दिक्कत पैदा कर रहा है। ओस के कारण गेंद गीली हो जा रही है जिसे सही तरीके से पकड़ने में दिक्कत आ रही है।
यही कारण है कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बेहतरीन फील्डरों (सुरेश रैना, विराट कोहली और रोहित शर्मा) को विकेट के पास लगा रहे हैं जबकि युवराज सिंह और रवींद्र जडेजा को सीमारेखा के पास तैनात कर रहे हैं।