उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उत्तराखंड को मान्यता देने जा रहा है।
इसके मिलते ही सेंट्रल जोन की टीम में शामिल होने वाली उत्तराखंड छठी टीम हो जाएगी। अभी तक इसमें उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ शामिल हैं।
हालांकि बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। लेकिन जो संकेत मिले हैं, इससे साफ है कि बीसीसीआई उत्तराखंड को एसोसिएट मेंबर के तौर पर मान्यता देने जा रही है।
2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होने के बाद से उत्तराखंड के खिलाड़ी यूपी से ही खेल रहे हैं। यहां के खिलाड़ियों को मुरादाबाद जोन से खेलने का मौका मिलता है।
कई बार एक जोन से लिमिटेड खिलाड़ी चुने जाने की वजह से यहां की प्रतिभाओं से न्याय नहीं हो पाता। इसके चलते कई प्रतिभावान खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हैं। इसकी बानगी नैनीताल के मनीष पांडे, बागेश्वर के पीयूष पांडे, पिथौरागढ़ के उन्मुक्त चंद हैं।
वहीं गढ़वाल एक्सप्रेस नाम से मशहूर पवन सुयाल दिल्ली और राबिन बिष्ट राजस्थान से रणजी के लिए खेलते हैं। इसके अलावा आर्यन जुयाल, आर्यन शर्मा, आर्या शेट्ठी, प्रियांशु खंडूड़ी हिमाचल और एकता विष्ट, हेमलता काला, अभिषेक रमन, अभिमन्यू ई.श्रीधरन भी दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं।
इन खिलाड़ियों को अपने राज्य से नहीं खेल पाने का मलाल है और इसकी वजह कुछ और नहीं, यहां के बोर्ड को बीसीसीआई की मान्यता नहीं होना है। उत्तराखंड के साथ ही गठित हुए झारखंड को 2004 और छत्तीसगढ़ को 2008 में बीसीसीआई की मान्यता मिल चुकी है।