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बजट में खेल विभाग के साथ हो गया ‘खेल’

Tue, 17 Mar 2015 01:47 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में एक तरफ राष्ट्रीय खेलों के लिए सुविधाएं जुटाने के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं, लेकिन दूसरी ओर खेल और युवा कल्याण विभाग के बजट में भी कटौती कर दी गई है।
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सोमवार को पेश बजट में दोनों विभागों को 2015-16 के लिए 102.81 करोड़ रुपए का ही बजट दिया गया है। सूत्रों की मानें तो खेल विभाग के बजट में करीब 40 फीसदी की कमी हुई है। उत्तराखंड में खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए खेल विभाग योजनाएं बना रहा है, लेकिन बजट की कमी भी इसके आड़े आ रही है।

वित्त विभाग में अटकती और घूमती विभाग की फाइलों के कारण योजनाएं समय पर शुरू ही नहीं हो पाती। बजट 2015-16 में भी महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एवं मेगा कॉम्पलेक्स के निर्माण की बता कही गई है।
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साथ ही रुड़की की सोनाली नदी पर बैक वाटर स्पोर्ट्स, पंचेश्वर, चंद्रपुर व कर्णप्रयाग में वाटर स्पोर्ट्स, वाईकिंग और एयरो स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का दावा है। मगर खेल और युवा कल्याण विभाग दोनों को ही 102.81 करोड़ मिले हैं। सूत्रों की मानें तो खेल विभाग के हिस्से 70 करोड़ के करीब ही आएंगे।

जबकि बीते साल अकेले खेल विभाग को अनुपूरक बजट मिलाकर 130 करोड़ से अधिक मिला था। खेल विभाग ने इस साल भी नई योजनाओं के कारण 200 करोड़ रुपए का बजट मांगा था। कम बजट मिलने से अब खेल विभाग की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

वहीं खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल का कहना है कि सभी के बजट में कमी हुई है, तो खेल विभाग का बजट भी कम हुआ है। किसी मद को खत्म नहीं किया गया है। जरूरत के अनुसार अनुपूरक बजट दिया जाएगा।

राष्ट्रीय खेल के नाम पर सिर्फ 2 करोड़
राष्ट्रीय खेल 2018 की तैयारियों और अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण कार्य के लिए भी खेल विभाग को बजट में निराशा ही हाथ लगी है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने राष्ट्रीय खेलों के लिए करीब 500 करोड़ रुपए मांगे थे। मगर विभाग को साल 2015-16 में सिर्फ 2 करोड़ रुपए मिले हैं।

खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल का कहना है हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय मल्टीपरपज मेगा कॉम्पलेक्स का काम चल रहा है। बजट में कोई कमी नहीं होगी। जैसे-जैसे कम होता जाएगा, बजट मिलता रहेगा। इसके लिए अनुपूरक बजट भी मिलेगा।
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