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न्यूजीलैंड दौरे पर पकड़ी गई थी गांगुली और भज्जी की 'चोरी'

Mon, 13 Jan 2014 01:10 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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उम्मीदों के रथ पर सवार होकर टीम इंडिया एक बार फिर रविवार को न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गई। महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में युवा भारतीय टीम को वहां दो टेस्ट और पांच वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है।
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टीम इंडिया इस बार भी वर्ष 2008-09 का अपना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी। तब भारत ने न्यूजीलैंड को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में 1-0 और वनडे सीरीज में 3-1 से धूल चटाई थी।

हालांकि टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा, जहीर खान, मुरली विजय और उमेश यादव टीम के साथ नहीं गए हैं। ये सभी कुछ दिन बाद न्यूजीलैंड रवाना होंगे।

जूतों को लेकर झूठ बोला था भारतीय कप्तान ने

टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे के लिए रविवार सुबह रवाना हो गई। इस बीच भारतीय टीम के मैनेजर टीसी मैथ्यूज ने कहा कि खिलाड़ियों को अब ऑकलैंड 2002 के विवाद को याद दिलाने की कोई आवश्यकता नहीं थी।

2002 के न्यूजीलैंड दौरे पर तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली और ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह पर दौरे पर ले जा रहे जूतों के जोड़ों की सही संख्या न बताने के लिए 200 डॉलर का जुर्माना लगाया गया था।

दोनों खिलाड़ियों ने दौरे पर तीन जोड़ी जूते ले जाने की जानकारी दी थी लेकिन उनके पास चार जोड़ी जूते मिले और उनमें से कुछ पर घास के निशान थे। हालांकि न्यूजीलैंड मिनिस्टरी ऑफ एग्रीकल्चर ने बाद में गांगुली और हरभजन पर लगे जुर्माने को माफ कर दिया था।

मुंबई से फोन पर बात करते हुए मैथ्यूज ने कहा, "खिलाड़ियों को कोई विशेष दिशानिर्देश देने की जरूरत नहीं थी। उन्हें सिर्फ सामान्य जानकारियां दी गई और इसके बाद हम बिना किसी विवाद के दौरे की उम्मीद कर सकते हैं।"

विदेशी दौरे पर खराब प्रदर्शन से चिंतित हैं धोनी

न्यूजीलैंड रवाना होने से एक दिन पहले ही कप्तान धोनी ने विदेश में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर चिंता व्यक्त की है।

ऐसे में टीम इंडिया के पास इतिहास बदलने का सुनहरा मौका होगा। धोनी ने कहा कि अगर आप बल्लेबाजों की बात करें तो उनमें से अधिकांश ने उपमहाद्वीप के बाहर ज्यादा टेस्ट नहीं खेले हैं। इसलिए उन्हें हालात से तालमेल बैठाने में कुछ समय लगेगा, लेकिन मौजूदा टीम के खिलाड़ी इतने योग्य हैं कि किसी भी जगह बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

गेंदबाजी के बारे में माही ने कहा कि मुझे लगता है कि गेंदबाजी विभाग में जगह पाने के लिए खिलाड़ियों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा चल रही है। एक साल पहले हमारे कई प्रमुख गेंदबाज चोटों से जूझ रहे थे। तब हमारे पास ज्यादा विकल्प नहीं थे लेकिन अब सभी फिट हो गए हैं और घरेलू सर्किट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
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रनों पर अंकुश लगाने की जरूरत

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साथ ही कहा कि टीम में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी है और ऐसे में विशेषज्ञ गेंदबाजों को इस कमी को पूरा करने की जरूरत है।

इस बारे में दक्षिण अफ्रीका में लेफ्ट आर्म स्पिनर रविंद्र जडेजा की भूमिका का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, घरेलू टीम की कोशिश यह रहती है कि विकेट टर्न न ले। इसका कारण यह था कि हमारे पास कोई ऑलराउंडर नहीं है।

हम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ नहीं खेलते हैं। इस पहलू से जडेजा का प्रदर्शन अच्छा था। स्पिनरों को स्वीकार करनी चाहिए कि जब वे विदेश में खेलते हैं तो पहले दिन उनका काम अलग होता है। आपको संयम रखने और रनों पर अंकुश लगाने की जरूरत होती है।
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