उत्तराखंड कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद शासन ने खेल नीति का शासनादेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही खेल नीति के तहत प्रस्तावित योजनाओं की प्रक्रिया शुरू होगी।
14 साल के लंबे इंतजार के बाद मिला तोहफा
प्रदेश के खिलाड़ियों को 14 साल के लंबे इंतजार के बाद अब खेल नीति का तोहफा मिला है। 28 दिसंबर 2014 को कैबिनेट ने खेल नीति को मंजूरी दी थी। शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी हो गया।
अपर सचिव और खेल निदेशक शैलेश बगोली ने बताया कि नीति में शामिल अलग-अलग योजनाओं, जैसे पुरस्कार राशि बढ़ाने, खेल पुरस्कार की श्रेणी 22 करने, भूतपूर्व खिलाड़ियों की पेंशन, खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन, नए खेल पुरस्कार शुरू करने, एनआईएस प्रशिक्षण को मदद आदि के लिए अलग से शासनादेश जारी होगा।
इनका रास्ता हुआ साफ
- अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार और अन्य सुविधाएं
- एनआईएस डिप्लोमा प्रशिक्षण के लिए मिलेगी सरकारी मदद
- भूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मिलेगी पेंशन
- खेल प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता, खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन
- उत्तराखंड राज्य खेल पुरस्कार होगा शुरू। खेल पुरस्कारों का दायरा बढ़कर होगा 22
- ओलंपिक के 32 और गैर ओलंपिक 9 खेल होंगे शुरू
- साई की तरह राज्य में शुरू होगी पे एंड प्ले योजना
- प्रदेश में अलग-अलग खेलों के बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस। एथलेटिक्स और बॉक्सिंग से होगी शुरुआत
- राज्य में बनेगी स्पोर्ट्स लैब। खेल तनकनीकि, बायोमैकेनिक एवं सिमुलेशन के आधार खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण
...तो मिल सकता है बढ़ा हुआ पुरस्कार
साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी बढ़ा हुआ पुरस्कार मिलने की उम्मीद है। शासन नीति के अन्य खंडों के लिए भी शासनादेश जारी करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों की मानें तो जल्द पुरस्कार राशि और पेंशन का जीओ जारी हो सकता है।