परीक्षा के कारण कुवैत में एशियन चैंपियनशिप न खेल सके उत्तराखंड के समरजीत सिंह जूनियर वर्ल्ड कप में पदक जीतकर मलाल दूर करना चाहते हैं।
दिल्ली में कैंप के लिए रवाना
2013 में एशियन चैंपियन और बेस्ट जूनियर शूटर ऑफ इंडिया के खिताब से नवाजे गए दून स्कूल के समरजीत से जूनियर वर्ल्ड कप में फिर गोल्ड मेडल की उम्मीद है। समरजीत मंगलवार को दिल्ली में कैंप के लिए रवाना हुए।
जसपाल राणा शूटिंग एकेडमी से निशानेबाजी की बारीकियां सीखने के बाद पौंधा निवासी समरजीत का लक्ष्य अब जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनना है।
8 साल की उम्र में पहली बार पिता मुकुलजीत सिंह के साथ शौकिया शूटिंग देखने गए समरजीत ने शौक से पिस्टल उठाकर पहला फायर किया था। यही शौक धीरे-धीरे हॉबी बन गया।
एयर पिस्टल में गोल्ड
साल 2009 में करीब 10 वर्ष की उम्र में समरजीत ने पहली बार स्टेट लेवल टूर्नामेंट में एयर पिस्टल में गोल्ड जीता। इसके बाद समर ने मुड़कर नहीं देखा।
2012 में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का गोल्ड जीत समर जूनियर चैम्पियन बने। 2013 में एशियन चैंपियनशिप में समरजीत को स्वर्ण पदक मिला।
मगर मार्च 2014 में बोर्ड परीक्षाओं के चलते समरजीत कुवैत में हुई एशियन चैंपियनशिप में नहीं जा सके। अपने प्रदर्शन के बूते समरजीत ने फिर भारतीय टीम में जगह बनाई है।
इसमें जीत के साथ समरजीत का लक्ष्य अब वर्ल्ड जूनियर रैकिंग में टॉप पर पहुंचना है।
आगे टूर्नामेंट
जूनियर वर्ल्ड कप (जर्मनी) - 26 मई 1 जून तक
इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप (चेक रिपब्लिक) - 8 से 18 जून
राष्ट्रीय एयर, स्पोर्ट्स, फ्री पिस्टल प्रतियोगिता