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'राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रुपए देकर खेलते हैं खिलाड़ी'

Fri, 19 Dec 2014 11:38 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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नरेंद्र नगर में राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता से पहले ही देहरादून जिला एसोसिएशन में असली-नकली का मुद्दा गरमा गया है।
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रुपए लेकर खिलाड़ियों को खिलाने का आरोप
नया सचिव नियुक्त करने पर जिला खो-खो एसोसिएशन पदाधिकारियों ने राज्य खो-खो संघ सचिव पर रुपए लेकर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत भारतीय खो-खो संघ सचिव, खेल मंत्री, खेल सचिव, निदेशक और उप निदेशक से की गई है।

जिला पदाधिकारी सुरेश पंत, अश्विनी भट्ट, आदेश डबराल, विनोद काला ने राज्य खो-खो संघ सचिव वीरेश यादव पर खिलाड़ियों से ट्रैकसूट और किट के रुपए लेने का आरोप लगाया है। यह सामान खेल निदेशालय से दिया जाता है। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाने के नाम पर खिलाड़ियों से 1500 से 10 हजार रुपए वसूले जाते हैं।
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रुपयों के लिए उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भेजा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त वीरेश यादव किसी को भी जिले में अपना सचिव बनाकर सर्वेसर्वा बन जाते हैं।

उधर, राज्य खो-खो संघ सचिव वीरेश यादव ने कहा कि जिला खो-खो संघ सचिव अनिल दत्त कंडवाल हैं। मुझ पर रुपये लेकर खिलाड़ियों को खिलाने के आरोप बेबुनियाद हैं।

पवेलियन में होगा ट्रायल तो जाएगी टीम
नरेंद्र नगर में 24 से 26 दिसंबर तक खेल विभाग और राज्य खो-खो संघ की राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता आयोजित होनी है। जिला खो-खो एसोसिएशन के नाम से इसके ट्रायल के लिए दो जिला संघ सचिव सामने आ गए हैं। जिला खेल अधिकारी एसके सार्की के मुताबिक दोनों में जो भी सचिव पवेलियन ग्राउंड में ट्रायल कराएगा।

वही टीम देहरादून की मानी जाएगी। इससे पहले ट्रायल के लिए 2011 में जिला संघ सचिव नियुक्त किशन डोभाल ने जिला खेल अधिकारी एसकी सार्की से संपर्क किया था। सार्की ने उन्हें बताया कि अनिल दत्त कंडवाल नाम के शख्स ने खुद को जिला संघ सचिव होने का दावा किया।
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ट्रायल पवेलियन ग्राउंड पर कराने को कहा गया तो कंडवाल ने ट्रायल सेलाकुई में कराने की बात कही। सार्की की मौजूदगी डोभाल और कंडवाल के सामने निर्णय लिया गया कि दोनों में जो भी पदाधिकारी पवेलियन ग्राउंड पर ट्रायल लेगा, उसके जरिए देहरादून जिले की टीम भेजी जाएगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनके पास अब तक टीम भेजने के लिए कोई पत्र नहीं आया है।
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