उत्तराखंड में अब सिर्फ 41 खेलों की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए ही खेल विभाग से रुपया मिल सकेगा। इसके लिए विभाग हर साल खेल और प्रतियोगिताओं के स्तर का भी आंकलन और चयन करेगा। इससे खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के नाम पर खेल विभाग से मिलने वाली आर्थिक मदद की बंदरबांट पर लगाम लग सकेगी।
उत्तराखंड बनने के बाद खेल निदेशालय में करीब 41 खेल पंजीकृत हैं, जिसमें ओलंपिक से मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता वाले खेल भी शामिल हैं।
हर साल इन खेल एसोसिएशनों को खेल विभाग से प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए आर्थिक अनुदान मिलता है। लेकिन इनमें से कई एसोसिएशनों के खेल तो सिर्फ कागजों में ही होते हैं, तो कुछ टीम भेजने तक ही सीमित रहते हैं। इसके बावजूद इनको अनुदान दे दिया जाता है।
खेल नीति लागू होने के बाद खेल विभाग ने ऐसे अनुदान पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो खेल नीति में शामिल 32 ओलंपिक और 9 गैर ओलंपिक खेलों के आयोजन पर ही अब आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए भी प्रतियोगिता के स्तर, एसोसिएशन के कार्यप्रणाली को भी देखा जाएगा। जबकि शेष खेलों के लिए अनुदान नहीं मिल सकेगा।
जब खेल नीति में खेलों का चयन हुआ है तो उन्हीं को अनुदान भी मिलेगा। इससे खेलों के स्तर को भी बढ़ावा मिल सकेगा। शेष खेलों के आयोजन को अनुदान मिलना मुश्किल होगा।- अजय अग्रवाल, उप निदेशक खेल