38वें नेशनल गेम्स की मेजबानी अगर उत्तराखंड को मिली तो, मल्टी सिटी गेम्स का आयोजन होगा। खेल विभाग ने आयोजन के लिए देहरादून, टिहरी और हल्द्वानी का चयन किया है। सूत्रों की मानें तो तीनों शहरों में खेल सुविधाओं के अनुसार खेल तय होंगे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेशनल गेम्स की मेजबानी के सपने को खेल विभाग ने अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। 19 दिसंबर को चेन्नई में भारतीय ओलंपिक संघ की वार्षिक आम बैठक में मेजबानी पर फैसला होना है। इसके लिए 10 दिसंबर तक उत्तराखंड से प्रस्ताव मांगा गया था। मगर पहली बार मेजबानी के दावे के लिए प्रारूप भेजने की अंतिम तिथि से पहले ही शासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उत्तराखंड ओलंपिक संघ ने भी प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड ने ओलंपिक में खेले जाने वाले 32 खेलों के आयोजन का दावा किया है, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के भी कुछ खेल जोड़े जा सकते हैं। इनके अलावा भारतीय खेल कबड्डी और खो-खो भी नेशनल गेम्स में कराने का दावा किया है।
देहरादून में निशानेबाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबाल, बॉक्सिंग खेलों का दावा किया जा सकता है। जबकि हल्द्वानी में भी फुटबाल हो सकता है। टिहरी झील में पर्यटन विभाग के साहसिक पर्यटन के आयोजन के बाद रोइंग, क्याकिंग एंड कैनोइंग आदि वाटर गेम्स के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। हालांकि, कहां कौन से खेल होंगे, यह भारतीय ओलंपिक संघ के निरीक्षण के बाद ही तय होगा।
शासन ने बिड के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका अवलोकन कर साइन कर दिए हैं और संघ के अध्यक्ष के पास भेजा गया है। अब एजीएम में मेजबानी पर फैसला होगा।
-निर्वाण मुखर्जी, सचिव, उत्तराखंड ओलंपिक संघ
हम नेशनल गेम्स के लिए बिडिंग कर रहे हैं। प्रस्ताव तैयार करने के साथ ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। तीन शहरों में खेल कराने की योजना है, वाटर स्पोर्ट्स टिहरी झील में होगा।
-शैलेश बगोली, खेल निदेशक