टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर पिछले 3 साल के बाद पहली बार जीत का स्वाद चखा है।
यह जीत न सिर्फ भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहद अहम रही बल्कि खुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए भी इस जीत के कई मायने है।
धोनी का अगला लक्ष्य इंग्लैंड में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाने का होगा। लेकिन लॉर्ड्स में जीत की जश्न में जुटी टीम को खुद धोनी ने एक बात कहकर अपने साथियों को बड़ा झटका दे दिया है।
'इंग्लेंड में आखिरी टेस्ट सीरीज है मेरी'
पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खत्म होने के बाद जब टीम इंडिया जश्न मनाने में जुटी थी तभी कप्तान ने यह इशारा किया कि वह आखिरी बार लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेल रहे हैं।
क्रिकेट के 'मक्का' कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर ऐतिहासिक जीत के बाद धोनी ने कहा, "मैं यह नहीं जानता कि जीत से कितनी खुशी मिली है, लेकिन लॉर्ड्स में यह मेरा अंतिम टेस्ट मैच होगा। मुझे यहां दुबारा वापस आने की उम्मीद नहीं है। निश्चित तौर पर यह यादगार टेस्ट मैच था।"
उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा, "यहां कई टेस्ट बहुत कांटे के रहे हैं। 2007 की टेस्ट सीरीज में हमने खराब रोशनी के कारण मैच ड्रॉ कराया था और उस समय मैं और श्रीसंत क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे। हमने वो टेस्ट मैच ड्रॉ कराया और आगे हमने सीरीज भी जीती।"
धोनी ने कहा, "हम मैच खास होता है। साथ ही भारत से बाहर जीत हासिल करना हमेशा शानदार रहता है।"
धोनी की कप्तानी का कोई विकल्प नहीं
ऐसा नहीं है कि महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपने बारे में पहली बार बोला हो, इससे 2 साल पहले भी उन्होंने घोषणा की थी कि 2013 के मध्य तक वह टेस्ट क्रिकेट छोड़ देंगे।
हालांकि टेस्ट टीम की कप्तानी के लिए धोनी अभी भी एकमात्र विकल्प हैं। उनके अलावा टीम में ऐसा कोई नहीं है जिसे टेस्ट टीम की कमान सौंपी जाए। विराट कोहली को उनके बाद टीम का नया कप्तान माना जा रहा है।
लेकिन क्रिकेट के छोटे प्रारूपों को छोड़ दिया जाए कोहली टेस्ट में अभी भी बहुत सेटल नहीं हो पाए हैं। जारी सीरीज की चारों पारियों में वह बुरी तरह से नाकाम रहे। उनके आलोचक अभी भी उन्हें वनडे और टी-20 क्रिकेट का ही बल्लेबाज मानते हैं।
टेस्ट क्रिकेट की क्षमता पर उठते रहे हैं सवाल
हालांकि धोनी की टेस्ट कप्तानी और उनकी क्षमता को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। और आलोचकों के बीच यह हमेशा से चर्चा का विषय भी रहा है।
धोनी क्रिकेट के वनडे और टी-20 फॉरमेट में काफी सफल कप्तान रहे हैं। आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट (वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी) जीतने वाले धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान है। टेस्ट में वह विदेशी धरती पर बेहद नाकाम रहे।
धोनी को टेस्ट टीम से बाहर करने की मांग उस समय तेज हो गई थी जब उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2011 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज 0-4 से गंवाई थी। इसके बाद टीम को ऑस्ट्रेलिया में भी 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था।