कभी अपनी कप्तानी सूझबुझ से दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की तारीफ बटोरने वाले धोनी का फैसला अब लोगों की समझ से परे नजर आ रहा है। ऑकलैंड में खेले जा रहे मुकाबले में भी धोनी के एक फैसले ने फिर प्रशंसकों को हैरान कर दिया।
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में लगातार तीसरी बार टॉस जीतने में सफल रहे। और इस बार भी उन्होंने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया।
पिछले मैचों में भी धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था और दोनों मैचों में टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा।
पहले गेंदबाजी करने से हुआ है भारत को नुकसान
यह सभी को मालूम है कि बल्लेबाजी टीम इंडिया का मजबूत स्तंभ है, लेकिन कप्तान धोनी अपने इस मुख्य हथियार को पहले इस्तेमाल करने के बजाए बाद में प्रयोग करते दिख रहे हैं।
गेंदबाजी में मोहम्मद शमी को छोड़कर अन्य गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव नहीं बना पा रहे हैं और बड़ा स्कोर खड़ा कर देते हैं। यही कारण है कि जब टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरती है तो उसके सामने रनों का पहाड़ होता है।
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई तो मध्य क्रम की बल्लेबाजी लड़खड़ा जाती है और भारत को हार का सामना करना पड़ता है।
पिछले दो-तीन वनडे सीरीज में भारत ने अमूमन जिन-जिन मैच में पहले गेंदबाजी की है उसमें तीन सौ या तीन सौ से ज्यादा रन दिए हैं।
विदेश में 20 बार लिया है पहले गेंदबाजी का फैसला
ऐसा नहीं है कि धोनी इसी सीरीज में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया है। भारतीय उपमहाद्वीप को छोड़कर पिछले 20 मौकों पर धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है।
न्यूजीलैंड से पहले दक्षिण अफ्रीका में खेली गई वनडे सीरीज में भी भारत ने पहले के दो मैचों में टॉस जीता था और पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया था।
पहला वनडे जोहानिसबर्ग में खेला गया और इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 358 रन और डरबन में दूसरे वनडे में 280 (संशोधित 49 ओवर) रन बनाए। भारत दोनों ही मैच में लक्ष्य का पीछा करने का दबाव नहीं झेल सका और टीम 50 ओवर से पहले ही आउट हो गई।
जबकि तीसरा मैच बारिश के कारण पूरा नहीं खेला जा सका था, लेकिन इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को पहले गेंदबाजी करने के लिए कहा। दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में भी 301 रन बनाए। बारिश के कारण भारत को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला तथा वह एक और बड़ी हार से बच गया।
तीनों ही बार भारतीय गेंदबाजों ने खूब लुटाए रन
वनडे सीरीज की शुरुआत में माना जा रहा था कि भारत इसे आसानी से जीत लेगा क्योंकि वर्ल्ड रैंकिंग में टीम इंडिया पहले और कीवी टीम आठवें पायदान पर थी। लेकिन तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती मैच में जिस तरह से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने रन बनाए उससे इस सीरीज में बने रहने के लिए भारत के सामने चुनौती बन गई है।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इन तीनों ही मैचों में टॉस जीता लेकिन हर बार उन्होंने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। तीनों ही बार पहले गेंदबाजी का फैसला टीम इंडिया को रास नहीं आया। पहले मैच में न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 292 रनों का विशाल स्कोर किया।
इसके बाद दूसरे वनडे में भी न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी का मौका मिला और ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 42 ओवर में 271 रन बनाए। बारिश के कारण यह मैच 42-42 ओवर का खेला गया था। तीसरे मैच में भी कीवी टीम ने 50 ओवर में 314 रन कूट लिए थे।