इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच मंगलवार को बर्मिघम में खेले गए पांचवें और निर्णायक वनडे मैच में मेजबान बल्लेबाज जोस बटलर के विवादास्पद रनआउट का मामला अभी भी दोनों टीमों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है।
मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक और महेला जयवर्धने के बीच वाक्युद्ध शुरू हो गया है।
लेकिन दो टीमों के बीच इस विवादास्पद रन आउट मामले को और हवा देने के लिए ऑस्ट्रेलिया भी इसमें कूद गया है और उसके कप्तान माइकल क्लार्क ने श्रीलंका के कदम को सही ठहरा दिया है।
क्लार्क ने रन आउट का किया समर्थन
क्रिकेट के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें कट्टर प्रतिद्वंद्वी के रूप में जानी जाती है। पांच महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने अपनी धरती पर इंग्लैंड को 5-0 से हराकर रिटर्न एशेज सीरीज जीतकर पलटवार किया था।
अब ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने विवादित रन आउट पर कहा कि श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच हुए पांचवें वनडे मैच के दौरान जोस बटलर का रन आउट होना नियमों के हिसाब से सही था।
क्लार्क ने कहा, "बटलर का आउट होना नियम के अनुसार था। यदि मैं कप्तानी कर रहा होता और ऐसा कुछ होता तो मैं यह कभी नहीं कहूंगा की मैं अपनी कप्तानी में ऐसा कभी नहीं करूंगा? आखिर यह नियम के अनुसार है।"
1947-48 में सिडनी टेस्ट में पहली बार हुआ था ऐसा
पांचवें वनडे में इंग्लैंड की पारी के 44वें ओवर में सचित्रा सेनानायके ने गेंद डालने से पहले ही क्रीज से आगे निकल जाने पर जोस बटलर को रनआउट कर दिया था। गेंदबाजी छोर पर खड़े इस बल्लेबाज को आउट देने की अपील पर अंपायर ने श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज को अपनी अपील वापस लेने का प्रस्ताव दिया लेकिन मैथ्यूज ने इसे अस्वीकार कर दिया।
ऐसा नहीं है कि इस तरह से आउट होने वाले जोस बटलर पहले बल्लेबाज हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आठ बार ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं। इससे पहले आखिरी बार 21 साल पहले 1992-93 में पोर्ट एलिजाबेथ में कपिल देव ने एक वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज पीटर कर्स्टन को रन आउट कर दिया था।
क्रिकेट शब्दावली में इसे 'माकंडींग' या 'माकंड' रन आउट कहते हैं। इसका नाम भारत के महान क्रिकेटर वीनू माकंड के नाम पर पड़ा। उन्होंने 1947-48 में सिडनी टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिल ब्रॉउन को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट किया था। हालांकि इस तरह से रन आउट को खेल भावना के विपरीत माना जाता है।
रणतुंगा बोले, बटलर को मौका देना चाहिए था
विवादित रन आउट पर श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने भी माना कि बटलर को एक और मौका दिया जाना चाहिए था। रणतुंगा ने कहा की हालांकि पांचवें वनडे मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाज जोंस बटलर का रन आउट सही था लेकिन खेल भावना को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा बुलाना चाहिए था।
रणतुंगा ने कहा, "हमें बटलर को आउट करना चाहिए था और उसके बाद श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज को उन्हें वापस बुलाना चाहिए था। मैं कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और सचित्रा सेनानायके पर आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन यह कुछ ऐसा हो जो हमें करना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "हमने (मैदान पर) बटलर को दो बार चेतावनी दी थी पर इसे रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन अगर हम उसे बुलाते तो यह बात दर्ज हो जाती कि हमने निश्चित तौर पर उन्हें चेताया था।"
'टेस्ट सीरीज में काफी तनाव होगा'
अपने बल्लेबाज के विवादास्पद तरीके से रन आउट होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने इसे खेल भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि कि मेहमान टीम ने मैच में खेल भावना का उल्लंघन किया है।
कुक मानते हैं कि इस विवाद से आगामी टेस्ट सीरीज के दौरान दोनों टीमों के बीच खासा तनाव भी होगा। सीरीज के एक मैच में सचित्रा सेनानायके की गेंदबाजी एक्शन को अंपायरों ने संदिग्ध बताया था। इसके बाद सचित्रा ने विवादित रन आउट करके दोनों टीमों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।
कुक ने कहा, "मैंने इस तरह का व्यवहार कहीं नहीं देखा है। मैं बहुत निराश था। यह बेहद खराब व्यवहार था।" दोनों टीमों को अब तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।