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कैप्टन कूल के बारे में क्या बोल गए मुनफ पटेल!

Wed, 13 Aug 2014 01:15 PM IST
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
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हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है। अच्छी गेंद पर बल्लेबाज के रन बनाने से गुस्सा आता है, लेकिन मैं कूल रहने की कोशिश कराता हूं और अपनी लाइन लेंथ पर फोकस करता हूं।
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गुस्से के साथ गेंदबाजी करने से लाइन लेंथ पर भी असर पड़ता है और खेल भी बिगड़ता है। कूल रहकर गेंदबाजी करने से बल्लेबाज को आउट करने की योजना बनाता रहता हूं।

ओएनजीसी के एंटी डोपिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने देहरादून पहुंचे भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मुनफ पटेल ने मंगलवार को ‘अमर उजाला’ संवाददाता अंशुल डांगी से विशेष बातचीत में अपनी सफलता के राज खोले। पेश है बातचीत के अंश...
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टी-20 के प्रदर्शन से ही कोई आगे नहीं बढ़ सकता

सवाल- आज युवा टी-20 को आगे बढ़ने का शॉर्ट कट रास्ता समझने लगे हैं, आपकी नजर में यह कितना सही है।
जवाब- टी-20 के प्रदर्शन से ही कोई आगे नहीं बढ़ सकता। किसी भी खिलाड़ी को दिलीप ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी सहित अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलना पड़ता है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ही वे राष्ट्रीय टीम का सफर तय करते हैं।

सवाल- तेज गेंदबाज के लिए सबसे अहम बात क्या है, जिस पर सबसे अधिक फोकस किया जाना चाहिए। जहीर खान और आप लंबे समय साथ खेले है, तो सीनियर के साथ खेलने में कितना असर पड़ता है।
जवाब- तेज गेंदबाज के लिए उसकी फिटनेस सबसे अधिक अहम है, जिसके बिना वो कुछ भी नहीं। स्पीड के साथ ही लाइन लेंथ सही होनी जरूरी है। अब स्पीड का दौर खत्म हो गया है, जो 90 के दशक तक था।

अब तेज गेंदबाज पर भी रन बनते हैं। जो अपनी लाइन और लेंथ में फोकस करेगा, वही सफल हो सकता है। भुवनेश्वर कुमार इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

उसके पास स्विंग है और लाइन लेंथ सटीक है, जिसके दम पर वो बहुत आगे जाएगा। जहीर खान जैसे सीनियर खिलाड़ी के साथ खेलने से मेरे खेल में हमेशा सुधार आया है।

जब भी मैने गलत गेंद फेंकी है जहीर खान ने हमेशा मेरे पास आकर मुझे समझाया है। उनके साथ होने से मुझमें भी बेहतर करने की प्रेरणा पैदा होती है।

सौरव और धौनी के सोचने का तरीका अलग

सवाल- सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धौनी दोनों कप्तानों के साथ आपने खेला है। दादा जहां अग्रेसिव कप्तान माने जाते हैं वहीं धौनी कूल। पर आपकी नजर में कौन बेहतर कप्तान है।
जवाब- सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धौनी दोनों शानदार कप्तान है। सभी का स्वभाव और सोचने का तरीका अलग-अलग होता है। सौरव और धौनी के सोचने का तरीका अलग है, लेकिन दोनों जीत के लिए खेलते हैं और प्रेरित करते हैं।

सवाल- आपको चोट लगी थी, जिस कारण आपको टीम से बाहर होना पडा। अब भारतीय टीम में वापसी के लिए किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं।
जवाब- अब पूरी तरह फिट हो चुका हूं और टूर्नामेंट खेल रहा हूं। मैं अपने खेल को इंज्वॉय करता हूं, इसलिए यह नहीं देखता कि टूर्नामेंट कब-कब हैं, बस मैच में अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करता हूं। मेरा प्रदर्शन ही मुझे वापसी की राह में ला सकता है।

सवाल - यह शहर आपको कैसा लगा।
जवाब- मैं पहली बार देहरादून आया हूं, यह खूबसूरत है। अभी अधिक घूमा नहीं हूं, लेकिन ओएनजीसी का इलाका काफी अच्छा है। यहां अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के बारे में सुना है, जहां जाने की कोशिश करुंगा।
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मैं तो अब लोकल हो गया हूं: प्रवीन

ओएनजीसी के एंटी डोपिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने दून पहुंचे भारतीय टीम के तेज गेंदबाज प्रवीन कुमार का कहना है कि अब तो मैं यहां लोकल हो गया हूं। यह मेरे दूसरा घर जैसा है।

मंगलवार को होटल इंद्रलोक में मुनफ पटेल और प्रवीन कुमार साथ पहुंचे। मगर जैसे ही प्रवीन कुमार से बात की तो उन्हाेंने कहा कि मुनफ भाई का इंटरव्यू लो।

मुनफ पटेल के आश्चर्य जताने पर उन्होंने कहा कि मैं तो यहां लोकल हो गया हूं। बीते जुलाई महीने में ही यहां कैंप खत्म कर गया हूं। देहरादून में मेरा आना-जाना लगा रहता है।
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