एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर लौटी भारतीय महिला हॉकी महिला की खिलाड़ी वंदना कटारिया को अब उत्तराखंड सरकार ने नौकरी देने का फैसला किया है।
वंदना को सम्मान देने की बात भी कही
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने शनिवार को वंदना कटारिया को उनकी उपलब्धि के अनुसार नौकरी दिए जाने की घोषणा की। समारोह आयोजित कर वंदना को सम्मान देने की बात भी कही।
हरिद्वार के रोशनाबाद गांव निवासी वंदना कटारिया भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी हैं। जूनियर महिला वर्ल्ड कप हॉकी हो या फिर एशियन गेम्स। वंदना के हॉकी की स्टिक का जादू हर मैदान में दिखाई दिया है।
एशियन गेम्स में कांस्य जीतने के बाद लौटी वंदना को पुरस्कार के संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई। जबकि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, मणिपुर सहित अन्य राज्यों में खिलाड़ियों पर जमकर रुपयों की बरसात हुई, नौकरी भी मिल रही है।
प्रदेश सरकार की खिलाड़ियों के प्रति बेरुखी के सवाल का शनिवार को ऑल इंडिया पुलिस बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान पटाक्षेप हो गया। खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि वंदना कटारिया को उनकी उपलब्धि के मुताबिक नौकरी देने का प्रस्ताव तैयार हो गया है, जो शासन में है।
अब मुख्यमंत्री के आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद इसमें मुहर लगते ही वंदना को सम्मानित करने के साथ ही राज्य सरकार नौकरी भी देगी।
वर्ल्ड कप के बाद मिले थे दो लाख
2013 में जर्मनी में जूनियर महिला वर्ल्ड कप हॉकी में कांस्य पदक जीतकर लौटी भारतीय टीम में शामिल वंदना के हरिद्वार निवासी होने की खबर ‘अमर उजाला’ ने ब्रेक की थी। इसके बाद सरकार ने दो लाख रुपए नगद पुरस्कार से वंदना को नवाजा था।