लॉर्ड्स टेस्ट में मिली शानदार जीत के बाद उत्साह से भरी हुई टीम इंडिया साउथम्पटन में भी जीत का जश्न मनाना चाहेगी।
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पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच इंग्लैंड के इसी मैदान पर रविवार से खेला जाएगा। लेकिन इस मैच से 3 दिन पहले ही भारतीय आलराउंडर रवींद्र जडेजा पर 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगा दिया गया। हालांकि बीसीसीआई ने इस फैसले का विरोध किया और इसके खिलाफ अपील करने का ऐलान किया है।
सीरीज के पहले मैच के दौरान जेम्स एंडरसन के रवींद्र जडेजा को गाली देने और धक्का देने के आरोप के बाद जडेजा पर लगे 50 फीसदी मैच फीस के जुर्माना के बाद दोनों टीमों के बीच तनाव का माहौल बन गया है। ऐसे में मैच के दौरान भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों में तनाव दिख सकता है।
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इशांत शर्मा से लॉर्ड्स वाले प्रदर्शन की आस
तनावपूर्ण माहौल के बीच टीम इंडिया इस मैच में पहले से ही आलोचनाओं का सामना कर रही इंग्लैंड पर दबाव बनाना चाहेगी। पिछले 2 मैचों में लचर प्रदर्शन के कारण इंग्लैंड की टीम पर खासा दबाव है और मौजूदा विवाद से इतर भारत अपनी ताकत का लोहा मनवाने उतरेगा।
पिछले मैच में जीत के हीरो रहे मैन ऑफ द मैच और लार्ड्स पर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज इशांत शर्मा पर एक बार फिर सभी की निगाहें होंगी। इशांत अगर इस मैच में चलते हैं तो भारत के लिए यह प्लस प्वाइंट होगा।
इंग्लैंड की जमीन पर पिछले दोनों टेस्टों में भारतीय तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है और यही कारण है कि धोनी ने भी इसकी अहमियत समझते हुए पिछले दोनों मुकाबलों में भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी और आलराउंडर रवींद्र जडेजा पर सबसे अधिक भरोसा दिखाया है।
अब देखना यह होगा कि धोनी साउथम्पटन की पिच पर अंतिम एकादश में कोई बदलाव करते हैं या नहीं।
भुवी और शमी पर भी बड़ी आस
पिछले मैच में इशांत शर्मा के शानदार प्रयास के बाद टीम इंडिया को उनसे उम्मीदें तो बढ़ गई हैं। लेकिन उनके अलावा भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी पर भी जोरदार आक्रमण की आस होगी।
सीरीज में आलराउंड प्रदर्शन कर रहे भुवी ने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 82 रन पर छह विकेट लिए थे और इस समय वह टीम के मुख्य गेंदबाजों में हैं।
जबकि शमी सीरीज में ज्यादा विकेट तो नहीं ले सके हैं लेकिन बीच-बीच में भारत को बड़ी सफलता दिलाने में जरूर कामयाब रहे हैं। तीसरे मैच में भी वह अगर टीम को ब्रेकथ्रू दिलाते हैं तो धोनी के लिए आगे की राह आसान हो जाएगी।
फिरकी गेंदबाजी में रवींद्र जडेजा को अपने प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है। गेंदबाजी में वह बेहतर साबित नहीं हो सके हैं। हालांकि धोनी की इस बात पर भी आलोचना हो रही है कि जडेजा की जगह आर अश्विन को टीम में क्यों नहीं लिया जा रहा।
कैप्टन कुक पर पलटवार का दबाव
दूसरी ओर, अपनी जमीन पर बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के कारण आलोचनाओं का शिकार हो रही इंग्लैंड टीम और उसके कप्तान एलिस्टर कुक ने हालांकि अभी हार नहीं मानी है और सीरीज में पिछड़ने के बावजूद वह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
कैप्टन कुक निराश भले ही हैं लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि वह एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं और मैच में पासा पलट सकते हैं।
फिलहाल बल्ले से खराब प्रदर्शन कर रहे कुक ने ड्रॉ रहे पहले टेस्ट में 5 रन बनाए तो लार्ड्स टेस्ट में 10 और 22 रनों की पारियां खेली थी। ऐसे में भारत के पास कुक की इस खराब फार्म का फायदा उठाने का भरपूर मौका होगा। दूसरी ओर, इशांत के पास कुक को परेशान करने का मौका है जिन्होंने उन्हें सबसे ज्यादा 8 बार आउट किया है।
पिछले 2 मैचों में एक ही टीम रखने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस मैच में एकाध बदलाव कर सकते हैं।
पहले मैच से अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने दोनों मैच में कुल 20 ओवर ही डाले हैं। जबकि लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में बिन्नी को गेंद ही नहीं सौंपी गई।
हालांकि उन्होंने नॉटिंघम टेस्ट मैच की दूसरी पारी में जूझारू पारी खेलकर टीम इंडिया की मैच में वापसी कराई थी। लेकिन भारतीय टीम के ट्रेनिंग सेशन देखकर लगता है कि भारत तीसरे मैच में विकेटकीपर धोनी और 4 गेंदबाजों समेत 6 विशेषज्ञ बल्लेबाज को मैदान पर उतार सकता है।
टीम में अगर छठे बल्लेबाज को शामिल किया जाता है तो वह रोहित शर्मा हो सकते हैं। वह नेट पर जमकर अभ्यास भी करते नजर आ रहे हैं। रोहित ने अपने 6 टेस्ट मैचों के करियर में 2 शतक लगा चुके हैं।