नेपियर वनडे में भारत को हराने के बाद मेजबान न्यूजीलैंड की टीम में जबर्दस्त उत्साह का माहौल है। अब वह हैमिल्टन वनडे में भी भारत पर आक्रमण करने की तैयारी में जुटा है। विराट कोहली ने भी इस मैच में पलटवार करने की बात कही है।
भारत के पहले मैच में हार का अहम कारण शॉर्ट पिच पर न खेल पाना रहा। मेजबान टीम इस बात को बखूबी जानती है और यही कारण है कि इस मैच में भी अपने इसी आक्रमण को मुख्य हथियार बनाएगी।
इस लिहाज से देखा जाए तो यह मैच भी भारतीय बल्लेबाजी बनाम कीवी गेंदबाजी के नाम ही रहेगा। भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा, शिखर धवन और सुरेश रैना शॉर्ट पिच पर खेलने में नाकाम साबित हुए।
कोहली की पारी ने भरा साथियों में जोश
लेकिन विराट कोहली ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की। उससे अन्य बल्लेबाजों ने भी काफी कुछ सीखा होगा। कोहली ने इस मैच में 123 रनों की पारी खेलकर करियर का 18वां शतक जमाया था।
जब तक वह क्रीज पर थे टीम जीत की ओर थी लेकिन उनके आउट होने के अन्य बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और भारत ने यह मैच गंवा दिया।
यूं तो रोहित शर्मा और शिखर धवन की नई सलामी जोड़ी ने भारत की सरजमीं पर नए-नए रिकॉर्ड बनाए लेकिन यह जोड़ी इस मैच में नहीं चल सकी। मध्य क्रम में अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, नंबर वन आलराउंडर रवींद्र जडेजा बुरी तरह से फ्लॉप रहे।
कोहली और धोनी को छोड़कर भारतीय कीवी के तेज गेंदबाजों टिम साउदी, मिशेल मैक्लेंनघन और एडम मिलने की गेंद खेलने को संघर्ष करते नजर आए।
कप्तान की डांट का पड़ेगा असर!
नेपियर वनडे में हार के बाद भारतीय कप्तान धोनी ने अपने बल्लेबाजों को जमकर लताड़ा था। उन्होंने अपने बल्लेबाजों के शॉट चयन की आलोचना की थी।
कप्तान धोनी ने कहा था कि भारतीय बल्लेबाजों को शॉट चयन पर सावधानी बरतनी चाहिए। विराट कोहली शॉटों का चयन सही तरीके से कर रहे हैं वहीं अन्य बल्लेबाज ऐसा नहीं कर रहे हैं।
उम्मीद है कि बल्लेबाज शेष सीरीज में कप्तान की सीख का ख्याल रखेंगे और शॉटों के चयन में सावधानी बरतेंगे। बल्लेबाज इस बात से भी खुश होंगे कि 150 किमी प्रति घंटा की गति से गेंद फेंकने वाले एडम मिलने अब इस सीरीज में गेंदबाजी नहीं करेंगे।
इशांत शर्मा पर ज्यादा दबाव
जहां तक भारतीय आक्रमण का सवाल है उसके नए गेंदबाज मोहम्मद शमी बेहद ही शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं।
पिछले मैच में तो उन्होंने चार विकेट झटककर करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की थी। जबकि भुवनेश्वर कुमार भी ठीक-ठाक रहे थे।
लेकिन तेज गेंदबाज इशांत शर्मा इस बार फिर महंगे साबित हुए और इस तेज गेंदबाज ने 72 रन देकर एक विकेट ही हासिल कर सके। इशांत के बाद रवींद्र जडेजा ने भी 61 रन दे डाले जबकि धोनी के प्रिय फिरकी गेंदबाज आर अश्विन 52 रन देने के बाद कोई विकेट नहीं ले सके थे।