पहली बार क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया ने आज (10 मार्च) ही के क्रिकेट का एक और बड़ा टूर्नामेंट अपने नाम किया था। यह जीत इसलिए खास थी क्योंकि भारत ने फाइनल में कट्टर प्रतिद्वंद्वी टीम पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया था।
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1983 में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार क्रिकेट जगत की चैंपियन टीम बने भारत ने 1985 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सात टीमों के टूर्नामेंट में लाजवाब खेल दिखाया।
इस समय क्रिकेट जगत में वेस्ट इंडीज के अलावा मेजबान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की तूती बोलती थी और किसी को उम्मीद नहीं थी कि इस बड़े टूर्नामेंट का फाइनल भारतीय उपमहाद्वीप की दो टीमों (भारत और पाकिस्तान) के बीच खेला जाएगा।
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रंगीन टी-शर्ट और सफेद बॉल से खेले गए थे मैच
बेसन हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट का आयोजन विक्टोरिया में यूरोपीय समझौता होने की 150वीं वर्षगांठ पर किया गया था। इस चैंपियनशिप को वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट भी कहा गया।
इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की कमान महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर के हाथों में थी, जबकि पाकिस्तान का नेतृत्व जावेद मियांदाद कर रहे थे।
टूर्नामेंट के सभी मैच रंगीन टी-शर्ट, सफेद बॉल और क्षेत्ररक्षण सीमा के अलावा 50-50 ओवर के खेले गए। सात टीमों को दो क्वालीफाइंग राउंड में रखा गया था।
लीग मैच में भी पाक को हराया था भारत ने
17 फरवरी से शुरू हुए टूर्नामेंट में भारत ने क्वालीफाइंड राउंड में अपने सभी तीनों मैच जीत लिए। जबकि पाक ने तीन में से दो मैचों में ही जीत हासिल की। भारत ने लीग मैच में भी पाकिस्तान को छह विकेट से हराया और यह मैच 20 फरवरी, 1985 को खेला गया था।
भारत की इस जीत में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने नाबाद 93 रनों की पारी खेली थी। कप्तान सुनील गावस्कर ने 54 रन बनाए। पाक की ओर से इमरान खान ने 27 रन देकर तीन विकेट झटके थे।
सेमीफाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। वहीं पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को भी सात विकेट से ही हराया था। पाक की यह जीत उस समय क्रिकेट जगत में बड़ी उलटफेर के रूप में मानी गई थी।
भारत की जीत में शास्त्री और श्रीकांत चमके
29 साल पहले हुए इस यादगार फाइनल मैच में सभी को जोरदार मुकाबले की आस थी और मैच जब शुरू हुआ तो पाक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। लेकिन कपिल देव के शुरुआती झटकों से उबरते हुए पाक ने संघर्ष करते हुए 50 ओवर में नौ विकेट पर 176 रन बनाए।
तेज गेंदबाज कपिल देव की धारदार गेंदबाजी के आगे पाकिस्तान पूरी पारी में संघर्ष करता रहा। कपिल के झटकों का असर यह रहा कि पाक ने महज 33 रन पर अपने चार विकेट गंवा दिए थे। कपिल ने 23 रन देकर तीन विकेट झटके। जबकि पाक कप्तान जावेद मियांदाद ने 48 रन बनाए।
जवाब में भारत को बेजोड़ शुरुआत मिली और रवि शास्त्री ने कृष्णमचारी श्रीकांत के साथ 103 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को जीत की ओर कर दिया। भारत ने यह मैच 47.1 ओवर में ही दो विकेट खोकर जीत लिया। शास्त्री 63 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि श्रीकांत ने 67 रनों का योगदान दिया। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 25 रन बनाए।
अंपायरों के विवादित फैसलों का शिकार हुआ भारत
भारत और पाक के बीच मैच हो और कोई विवाद न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। अंपायरों ने पाकिस्तान की पारी के दौरान कई विवादित फैसले दिए। कप्तान जावेद मियांदाद और इमरान खान को अंपायरों ने विकेटकीपर गुंडप्पा विश्वनाथ के हाथों कैच आउट होने के बाद भी आउट नहीं दिया।
बाद में इमरान खान 35 रन बनाकर रन आउट हो गए। जबकि मियांदाद (48) को लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने स्टंप आउट कराया। पाक की इस पारी में महज छह चौके लगे।
दूसरी ओर, 17 साल के फिरकी गेंदबाज लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने गजब की गेंदबाजी की और नौ ओवर में 35 रन देकर तीन विकेट झटकते हुए स्पिन गेंदबाजी का नया चेहरा बनकर उभरे। शिव ने मियांदाद के अलावा सलीम मलिक (14) और अनिल दलपत (0) के विकेट लिए।
रवि शास्त्री को मिली महंगी ऑडी कार
आलराउंडर रवि शास्त्री के लिए यह टूर्नामेंट बेहद भाग्यशाली साबित हुआ। उन्हें इस टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
श्रीकांत को फाइनल मैच का मैन ऑफ द मैच और रवि शास्त्री को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। शास्त्री को टूर्नामेंट में लाजवाब प्रदर्शन के लिए 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' कहा गया। इस टूर्नामेंट के बाद उन्हें शास्त्री को विश्व प्रसिद्ध लग्जरी कार ऑडी 100 पुरस्कारस्वरूप प्रदान की गई। इस ऑडी कार की कीमत उस समय 35,000 डॉलर की थी जो आज के हिसाब से 21 लाख से ज्यादा रुपए की कीमत है।
बाद में इसी कार में बैठकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने मेलबर्न स्टेडियम में घुमकर जीत का जश्न मनाया। यह जश्न इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत ने पाक को हराकर वनडे इतिहास की अपनी दूसरी खिताबी जीत हासिल की थी।
भारत की यह खिताबी जीत इस लिहाज से ऐतिहासिक रही क्योंकि उसने जिस तरह का खेल दिखाया वह पूरी तरह से वर्ल्ड चैंपियन सरीखा था। भारत ने वर्ल्ड चैंपियन की तरह खेलते हुए टूर्नामेंट में अपनी सभी मैच जीत लिए। खिताब के सफर में भारत ने पाकिस्तान के अलावा इंग्लैंड (86 रन) और ऑस्ट्रेलिया (8 विकेट) को हराया था।
वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में भी गजब का खेल दिखाया। खासकर गेंदबाजों ने। भारत ने टूर्नामेंट में पांच मैच खेले और कुल 49 विकेट झटकने में कामयाब रहा। फाइनल से पहले टीम इंडिया ने सभी चारों मैचों में विपक्षी टीम को ऑलआउट कर 40 में से 40 विकेट झटक लिए।
लेकिन फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय गेंदबाज 50 ओवर में नौ विकेट ही झटक सके।