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दिलचस्प तरीके से आउट हुए रहाणे!

Sat, 15 Feb 2014 06:02 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारत ने वेलिंगटन टेस्ट के दूसरे दिन कल के अपने स्कोर दो विकेट पर 100 रन से आगे खेलना शुरू किया तो उसका पहला लक्ष्य था कि न्यूजीलैंड के 192 से आगे जाए और बड़ी बढ़त बनाई जाए।
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शिखर धवन ने नाइटवॉचमैन इशांत शर्मा के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाया और दोनों ने टीम को निराश नहीं किया। इशांत एकदम सधे हुए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की उपयोगी साझेदारी कर न सिर्फ टीम को दिन की शानदार शुरुआत दिलाई बल्कि शुरुआती घंटे को आसानी से बिना किसी बाधा के निकाल दिया।

तेज गेंदबाज ट्रेंट बॉल्ट ने इंशात की साहसिक पारी का अंत किया। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले इशांत ने 26 रनों का योगदान दिया। इशांत के जाने के बाद भारत ने अपने डेढ़ सौ रन पूरे कर लिए।
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शतक से चूके धवन, रोहित शून्य पर आउट

इशांत शर्मा के आउट होने के बाद शिखर धवन का साथ देने विराट कोहली क्रीज पर आए। दोनों ने टीम इंडिया को 150 के पार पहुंचाया। टीम इंडिया अब अपने बाएं हाथ के सलामी बल्‍लेबाज से एक और शानदार शतक लगने का इंतजार कर रही थी, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी।

पहले टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार शतक लगाने के बाद धवन का आत्मविश्वास बढ़ गया था और जिसका नजारा उनकी इस पारी में भी खेलने को मिला। धवन जब अपने शतक से महज दो रन दूर थे तभी तेज गेंदबाज ‌टिम साउदी ने उन्हें विकेटकीपर बीजे बॉटलिंग के हाथों कैच उट कराकर उनके तीसरे टेस्ट शतक से महरूम कर ‌दिया। उन्होंने 127 गेंदों का सामना करते हुए 98 रनों की पारी में 14 चौका और एक छक्का भी लगाया।

धवन के जाने के बाद कोहली का साथ देने रोहित शर्मा क्रीज पर आए, लेकिन महज तीन गेंद खेलकर जेम्स नीशाम की गेंद पर बोल्ड हो गए और खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद और अजिंक्य रहाणे ने संभलकर बल्‍लेबाजी करते हुए पहले भारत का स्कोर 193 करते हुए मेजबान टीम से बढ़त दिलाई।

दूसरे सत्र में सिर्फ कोहली का विकेट खोया

लंच पर जाने के समय टीम इंडिया का स्कोर था पांच विकेट पर 201 रन। भारत को नौ रनों की बढ़त हासिल हो चुकी थी अब इस बढ़त को बड़ी बढ़त में बदलने का जिम्मा मध्य क्रम के बल्‍लेबाजों के पास था।

विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने पांचवें विकेट के लिए 63 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूती प्रदान की। इस बीच कोहली निल वागनेर की गेंद पर रदरफोर्ड को कैच थमा बैठे। विराट कोहली ने 93 गेंदों में 38 रन बनाए। कोहली की जगह रहाणे का साथ देने कप्तान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर आए। इस बीच भारत ने ढाई सौ रनों का आंकड़ा पार कर लिया था।

धोनी ने आक्रामक अंदाज में बल्‍लेबाजी की और रहाणे के सा‌थ सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। इसके बाद रहाणे ने अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। न्यूजीलैंड ने भारतीय पारी के 81वें ओवर में जब नई बॉल ली तो उस समय टीम इंडिया का स्कोर था छह विकेट पर 280 रन। चायकाल पर जाने से पहले भारत ने 300 का आंकड़ा भी पार कर लिया था। खेल के दूसरे सत्र में भारत ने सिर्फ कोहली का विकेट गंवाया था।

रहाणे ने शतक से पहले धोनी संग की शतकीय साझेदारी

चायकाल के बाद जब टीम इंडिया मैदान पर उतरी तो उस समय उसका स्कोर था 301 रन। थोड़ी ही देर में धोनी ने अपना पचासा भी पूरा कर लिया। दोनों बल्‍लेबाजों ने कीवी गेंदबाजों को सातवें विकेट के लिए लंबा इंतजार करवाया। रहाणे ने धोनी के साथ शतकीय साझेदारी निभाते हुए टीम का स्कोर 350 रनों तक पहुंचा दिया।

जब लग रहा था कि भारत पांच सौ करीब स्कोर बनाने में कामयाब रहेगा तो धोनी 68 रनों की निजी स्कोर पर ट्रेंट बॉल्ट की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। धोनी जब आउट हुए उस समय वह रहाणे के साथ 120 रनों की साझेदारी कर चुके थे।

धोनी के आउट होने के बाद रवींद्र जडेजा (26) ने मोर्चा संभाला और रहाणे के साथ पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन जडेजा खराब शॉट खेलकर आउट हो गए। वह जब आउट हुए उस समय रहाणे अपने पहले शतक के बेहद करीब थे। नए बल्‍लेबाज जहीर खान क्रीज पर आ चुके थे और अब सबकी निगाहें 90 रन पर खेल रहे रहाणे के ‌करियर की पहले शतक पर थी। वहीं भारत चार सौ रन से 11 रन दूर था।

एक ही हाथ से लपक लिया 'शतकवीर' रहाणे को

अजिंक्‍य रहाणे ने भारतीय पारी के 100वें ओवर की पहली गेंद पर कोरी एंडरसन की गेंद पर चौका मारकर अपना पहला शतक पूरा किया। शतक पूरा करते ही रहाणे आक्रामक बल्‍लेबाजी शुरू कर दी। इसी ओवर की अंतिम दो गेंदों पर चौका भी जमाया। अगले ओवर में रहाणे ने छक्का भी जमाया।

आक्रामक हो चुके रहाणे की सर्वश्रेष्ठ पारी का अंत में बेहद दिलचस्प रहा। रहाणे ने बड़े शॉट के लिए गेंद को हवा में खेल दिया। गेंद लेग साइड की दिशा में जा रही थी, क्षेत्ररक्षक ट्रेंट बॉल्ट रहाणे के इस शॉट को लपकने के लिए तेजी से आगे आ रहे थे लेकिन गेंद हवा के कारण विपरीत दिशा में चली गई जिसे बॉल्ट ने एक हाथ से प्रयास करते हुए लपक लिया। बॉल्ट ने यह कैच दाएं हाथ से लपका।

रहाणे के आउट होने के बाद जहीर खान ने इसी ओवर में दो चौके भी जमाए। तेजी से रन बनाने में जुट जहीर खान (22) 103वें ओवर की चौथी गेंद पर लपके गए और इसके साथ ही भारत की पारी 438 रनों पर खत्म हो गई।
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जहीर की पहली सफलता बनी कीवी टीम की मुसीबत

भारत से पहली पारी के आधार पर 246 रनों से पिछड़ने वाली कीवी टीम को उस समय तगड़ा झटका लगा जब जहीर खान ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर पीटर फुल्टन (1) को पगबाधा करा दिया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर महज एक रन ही था। जहीर की इस मैच में यह पहली सफलता भी है।

हालांकि हैमिश रदरफोर्ड (18) और केन विलियम्स (4) ने संभल कर खेलते हुए अपनी टीम को एक और झटका नहीं लगने दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 23 रनों की साझेदारी की।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड 222 से पीछे हैं और जब मेजबान टीम तीसरे दिन अपनी बल्‍लेबाजी शुरू करेगी तो उसका लक्ष्य पहले भारत के बढ़त को खत्‍म करने पर होगा।
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