बुधवार से शुरू हो रहे रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में उन छह खिलाड़ियों को अपनी-अपनी रणजी टीम में खेलने का मौका नहीं मिलने से राहुल द्रविड़ भी खफा है।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान द्रविड़ ने कहा है कि वनडे टीम में शामिल खिलाडि़यों को न्यूजीलैंड दौरे पर एकाध दिन बाद भेजा जा सकता था, जिससे उन्हें रणजी क्वार्टर फाइनल में खेलने का मौका मिल जाता। रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल बुधवार से शुरू हो रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश का मुकाबला कर्नाटक से, बंगाल और रेलवे से, मुंबई और महाराष्ट्र से और पंजाब का जम्मू-कश्मीर से मुकाबला होना है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इन छह खिलाडियों के पास रणजी क्वार्टर फाइनल खेलने का अच्छा मौका था क्योंकि अगर क्वार्टर फाइनल 12 को भी खत्म होते तो भी उनके पास सात दिन का समय था। मुझे लगता है कि इन खिलाडियों के खेलने से उनकी रणजी टीमें और कोच भी खुश होते। ये खिलाडी फिर एकाध दिन बाद न्यूजीलैंड जा सकते थे।"
तो दर्शकों में भी उत्साह रहता
टीम इंडिया में शामिल जिन छह खिलाड़ियों को रणजी में खेलने का मौका नहीं मिला। उनमें रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी भी शामिल हैं।
राहुल द्रविड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों के खेलने से मुकाबले का स्तर बढ़ता। मुंबई के लिए रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे खेलते हैं। और इसमें कोई शक नहीं कि दर्शक इन्हें देखना पसंद करते। अगर आप टीवी पर चैनल सर्च कर रहे हैं और अचानक आप रोहित या रहाणे को बल्लेबाजी करते हुए देखते हैं आप उस मैच को देखने लग जाते।
द्रविड़ ने भुवनेश्वर कुमार के बारे में कहा कि अगर वह उनकी जगह होते तो वह मैच खेलना पसंद करते क्योंकि उसने क्रिकेट में ज्यादा मैच नहीं खेले हैं।
उत्तर प्रदेश के सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार, मुंबई के रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे, कर्नाटक के स्टुअर्ट बिन्नी और बंगाल के मोहम्मद शमी का चयन टीम इंडिया में हुआ है।
कोच वेंकटेश प्रसाद ने भी किया था फैसले का विरोध
ऐसा नहीं है कि छह खिलाड़ियों के रणजी में खेलने का मौका नहीं मिलने पर राहुल द्रविड़ ही नाराज हैं। उनसे पहले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के कोच वेंकटेश प्रसाद ने भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
पूर्व तेज गेंदबाज प्रसाद ने कहा था कि उनके आग्रह को बोर्ड ने स्वीकृति नहीं दी। अगर आप चाहते हैं कि घरेलू राष्ट्रीय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खेलें लेकिन बोर्ड के इस फैसले से अच्छे खिलाड़ी ऐसे महत्वपूर्ण समय में खेल ही नहीं पाएंगे। यह समझ पाना मुश्किल है कि खिलाड़ियों को 12 जनवरी को भेजे जाने की क्या जल्दी है जबकि भारत को न्यूजीलैंड दौरे में अपना पहला मैच एक सप्ताह बाद खेलना है। वे एक दिन बाद भी जा सकते थे। उनका पहला मैच 19 जनवरी को होना है।
वेंकटेश प्रसाद ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के जरिए बोर्ड को गत दो जनवरी को लिखित आग्रह भेजा था। न्यूजीलैंड जाने वाली भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार, मुंबई के रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे, कर्नाटक के स्टुअर्ट बिनी और बंगाल के मोहम्मद शमी का चयन हुआ है। ये छह खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में खेल सकते थे।
विवाद पर बीसीसीआई को देनी पड़ी सफाई
वेंकटेश प्रसाद के सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताने पर बीसीसीआई को भी अपनी सफाई देनी पड़ी।
इस मुद्दे पर बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अधिकतर खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के पूर्ण दौरे के बाद स्वदेश लौटे थे और उन्हें कुछ आराम की जरूरत थी।
अधिकारी का कहना था कि खिलाड़ी हाल में ही दक्षिण अफ्रीका दौरे से लौटे हैं। उन्हें कुछ आराम की जरूरत थी ताकि वे अपनी ऊर्जा वापस हासिल कर सकें। उनके सामने नया व्यस्त साल मौजूद है।
न्यूजीलैंड दौरे से पहले दक्षिण अफ्रीका में हार के बाद टीम इंडिया पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव है।