कप्तान धोनी को भले ही सीरीज बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा हो, लेकिन वह हर मैच में कोई न कोई गलती कर देते हैं।
पांच मैचों की वनडे सीरीज में एक मामले में तो किस्मत ने धोनी का भरपूर साथ दिया है और वह है टॉस। अब तक इस सीरीज में चार बार भारत और न्यूजीलैंड के बीच टॉस हुए हैं और चारों ही बार भारतीय कप्तान ने टॉस जीता है।
आज के मैच में धोनी ने पिछले तीन बार के उलट इस बार पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। इससे पहले उन्होंने पिछले तीनों मैचों में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। जिसमें पहले दो मैच न्यूजीलैंड ने जीते और तीसरा टाई रहा।
और यह गलती किसी की समझ में नहीं आई
विराट कोहली लंबे समय से फर्स्ट डाउन पर बल्लेबाजी करने आते हैं और इस नंबर पर वह जबर्दस्त बल्लेबाजी भी करते हैं। सबसे कम मैचों में 18 शतक लगाने वाले कोहली को धोनी ने इस निर्णायक मैच में पारी की शुरुआत करने भेज दिया।
सीरीज में बने रहने के लिए टीम इंडिया को यह मैच हर हाल में जीतना जरूरी है। ऐसे में भारत को ठोस शुरुआत चाहिए थी लेकिन धोनी ने कोहली को रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने भेजा और खामियाजा भी भुगता। न कोहली चले और न ही अजिंक्य रहाणे।
पिछले मैच में महज छह रन बनाने वाले विराट कोहली इस मैच में भी नहीं चले और दो रन बनाकर आउट हो गए। जबकि भारतीय टीम में अजिक्य रहाणे के रूप में सलामी बल्लेबाज मौजूद था। रहाणे भी महज तीन रन बनाकर चलते बने।
दूसरी गलती, बिन्नी को मौका नहीं दिया
कप्तान धोनी को सबसे सफल भारतीय कप्तान बनने के लिए महज तीन जीत की दरकार है लेकिन उनकी कप्तानी सुझबूझ अब किसी की समझ में नहीं आ रहा।
सीरीज के चौथे मैच से आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया। लेकिन वह ड्रेसिंग रूम में पैड बांधे ही रह गए और उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका ही नहीं मिला।
धोनी की दूसरी चूक यह रही कि बिन्नी की जगह आर अश्विन को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेज दिया। हालांकि अश्विन ने पिछले मैच में करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए मैच में भारत की वापसी कराई और इसके बाद रवींद्र जडेजा ने मैच को टाई करा दिया। लेकिन स्टुअर्ट नए बल्लेबाज हैं और वह तेज बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं अगर उन्हें अश्विन की जगह भेजा जाता तो भारत का स्कोर तीन सौ के करीब होता।