‘मेरे लिए गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट बहुत लक्की है, रेंजर्स ग्राउंड भी मुझे बहुत भाता है। जब भी यहां आता हूं यहां से शुरू होने वाला रन बनाने का सिलसिला रणजी ट्रॉफी और अन्य प्रतियोगिताओं में चलता रहता है।’
यह कहना है राजस्थान रणजी टीम की जान रॉबिन बिष्ट का। मूलत: पौड़ी जिले के श्रीनगर के जखेड़ गांव के रॉबिन राजस्थान टीम में मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा की खोज माने जाने वाले रॉबिन का परिवार दिल्ली में रहता है। रॉबिन कहते हैं उत्तराखंड उनका घर है। ऐसे में यहां खेलने का कोई मौका वह गवांना नहीं चाहते।
अजय जडेजा ने दिखाया रास्ता
रविवार शाम जयपुर इलेवन की टीम के लिए खेलने पहुंचे राबिन ने बताया कि दिल्ली में मौका न मिलने पर वर्ष 2004-05 में उन्होंने राजस्थान का रुख किया था।
वहां क्लब स्तरीय टूर्नामेंट में अजय जडेजा ने उन्हें देखा और राजस्थान की टीम में शामिल होने का रास्ता दिखाया।
रॉबिन वर्ष 2011-12 रणजी सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। सीजन 2013-14 में चोट के कारण उन्हें रणजी बीच में छोड़नी पड़ी।
गोल्ड कप से दोबारा शुरुआत
इस सीजन में रॉबिन ने रणजी में आठ मैच खेले, लेकिन इनमें एक शतक और पांच अर्द्धशतक लगाकर 600 रन बनाए। जबकि अब तक 57 मैचों में रॉबिन 3867 रन बना चुके हैं, जिसमें आठ शतक शामिल हैं।
रॉबिन ने बताया कि मैदान से दो महीने बाहर रहने के बाद अब चोट से उबर चुके हैं। कहा कि अब अपने ‘घर’ आकर गोल्ड कप टूर्नामेंट से दोबारा शुरुआत करेंगे।
दून के बारे में रॉबिन ने कहा कि अपने लोगों के बीच खेलने का जो मजा यहां आता है वो कहीं नहीं।