मैं एशियन गेम्स में टीम को जिताने की पूरी कोशिश करूं गी। यह बात दीपा ने शनिवार को साउथ कोरिया के इंचियोन के लिए रवाना होने से पहले अपने कोच इकबाल सिंह से कही। एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाली हैंडबॉल की सीनियर वुमन टीम में शहर की ट्रेनी दीपा भी शामिल है।
वह टीम में चुनी जाने वाली सिटी ब्यूटीफुल की एकमात्र और सबसे युवा खिलाड़ी है। एशियन गेम्स में 15 देशों की हैंडबॉल टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय टीम का मैच सोमवार को थाईलैंड के साथ होगा।
इस आधार पर हुआ चयन:
दीपा सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्थित हैंडबॉल सेंटर की खिलाड़ी है और देव समाज कॉलेज फॉर वुमन सेक्टर-45 में ग्रेजुएशन कर रही है। गुजरात में हैंडबॉल की सीनियर टीम के लिए ट्रायल रखे गए थे। इसमें देश भर से 40 महिला खिलाड़ियाें ने हिस्सा लिया। यहां पर बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर दीपा का चयन हुआ।
विरासत में मिला स्पोर्ट्स:
दीपा के पिता गुरनाम सिंह और मां लक्ष्मी चौधरी फिजिकल एजुकेशन के टीचर हैं। गुरनाम सिंह हॉकी के नेशनल लेवल के खिलाड़ी तो लक्ष्मी चौधरी नेशनल लेवल की टेबल टेनिस खिलाड़ी रही है। दोनों से प्रेरणा लेकर ही दीपा स्पोर्ट्स में आगे बढ़ी। वर्ष 2013 में देव समाज कॉलेज फॉर वुमन में दीपा को बेस्ट एथलीट के अवार्ड से नवाजा जा चुका है।
शानदार खिलाड़ी:
सेक्टर-42 स्थित हैंडबाल सेंटर में कोच इकबाल सिंह दीपा के कोच हैं। देव समाज कॉलेज फॉर वुमन-45 में फिजिकल एजुकेशन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर वीना भी दीपा को टिप्स भी देती हैं। कोच इकबाल सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दीपा अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाएगी।