इंडोनेशिया ओपन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए शहर के ट्रेनी संजीव कुमार का चयन हुआ है। जन्म के मात्र दस महीने बाद ही संजीव पोलियो का शिकार हो गए थे। इसके बाद से वह आज तक ठीक ढंग से खड़े नहीं हो पाते। इन सबके बावजूद भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पैरा केटागिरी में खेलते हुए कई मेडल जीते।
संजीव इंडोनेशिया में 11-15 जून केबीच खेली जाने वाली इंडोनेशिया ओपन पैरा बैडमिंटन में हिस्सा लेंगे। वह पंजाब के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जोकि व्हील चेयर पर इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से संजीव का चयन इस चैंपियनशिप केलिए हुआ है।
टॉप खिलाड़ी हिस्सा लेंगे
इंडोनेशिया ओपन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में चीन, कोरिया, जपान, मलेशिया, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, सिंगापुर, फ्रांस, मलेशिया, सिंगापुर, भारत सहित कई अन्य देश इसमें हिस्सा ले रहे हैं। संजीव पंजाब यूनिवर्सिटी के बैडमिंटन हॉल के ट्रेनी रहे हैं और यहीं से खेल की बारीकियां सीखी।
गरीब परिवार से ताल्लुक
संजीव पंजाब के अबोहर के रहने वाले हैं। पिता विरेंद्र स्कूल में सेवादार का काम करते थे, लेकिन पिछले साल उन्हें लकवा मार गया। दो भाई हैं जोकि दिहाड़ी करते हैं, जिससे कि घर का गुजरा चलता है। संजीव को सेठ छबीलदास चैरीटेबल ट्रस्ट के शिव लाल की ओर से उसकी किट के लिए और कहीं पर टूर्नामेंट खेलने में मदद दी जा जाती है।
संजीव पंजाब के पहले ऐसे व्हील चेयर खिलाड़ी हैं, जिन्हाेंने मेडल जीतकर देश का नाम रौशन किया है। संजीव के अनुसार उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक इसके लिए मुझे नौकरी की सख्त जरूरत है। इसके लिए कई बार पंजाब सरकार से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
ये हैं उपलब्धियां
- 2009 बंगलूरू में वर्ल्ड पैरा गेम्स में सिल्वर मेडल
- 2010 इजराइल में सिंग्लस में ब्रांज मेडल जीता
- 2012 फ्रांस में फ्रेंच इंटरनेशनल में ब्रांज मेडल
- 2013 जर्मनी में ब्रांज मेडल जीता।